हरियाणा का नंबर-1 सरकारी अस्पताल बना फरीदाबाद का UHC, बदल गई पूरी तस्वीर II
हरियाणा का नंबर-1 सरकारी अस्पताल बना फरीदाबाद का UHC, बदल गई पूरी तस्वीर II

फरीदाबाद-(शिवम् शर्मा):-फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्र ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। तीन मंजिला इस यूएचसी को हरियाणा का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल चुना गया है। अस्पताल में प्रवेश करते ही मां सरस्वती की प्रतिमा, हरियाली, आकर्षक इंटीरियर, आरामदायक सोफे, पेंटिंग्स और स्वच्छ वातावरण मरीजों का स्वागत करते हैं। पूरे परिसर में मधुर संगीत भी बजता रहता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को तनावमुक्त माहौल मिलता है। अस्पताल में मरीजों और स्टाफ के लिए एयर कंडीशनिंग, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, आधुनिक लिफ्ट और बेहतर शौचालय जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। यहां ओपीडी, आईपीडी, जनरल और ऑर्थो सर्जरी, डेंटल केयर, 24 घंटे डिलीवरी, आधुनिक लैब और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। यूएचसी की एसएमओ डॉ. मीनाक्षी बताती हैं कि जब उन्होंने यहां कार्यभार संभाला था, तब रोजाना करीब 50 मरीज आते थे। लेकिन बेहतर सुविधाओं और सेवाओं के कारण अब प्रतिदिन 300 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अमृता अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से डॉक्टरों की उपलब्धता भी पहले से बेहतर हुई है डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि अस्पताल को आकर्षक और मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 10 लाख रुपये खर्च किए। सोफे, पौधे, पेंटिंग्स, पर्दे और वॉलपेपर जैसी कई चीजें उन्होंने स्वयं खरीदकर लगवाईं। उनका कहना है कि मरीज अस्पताल में आते ही सकारात्मक और सुकून भरा माहौल महसूस करें, यही उनकी प्राथमिकता रही है। अब स्वास्थ्य विभाग से अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है। यदि आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध हो जाते हैं, तो अगले छह महीनों में इस यूएचसी को 200 बेड वाले अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना है। भविष्य में यहां डायलिसिस, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आयुष्मान सेवाएं, पीएनडीटी और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे जिला नागरिक अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा। वहीं मरीजों से जब हमने बात की तो मरीजों ने भी यहां बेहतर स्वस्थ सेवाएं मिलने की बात कही ओर कहा कि जबसे डॉक्टर मीनाक्षी ने यहां चार्ज संभाला है तबसे यह यूएचसी सेंटर बदल गया है क्योंकि एक समय में यह किसी खंडहर या कबूतर खाने में तब्दील था जबकि आज इसे देखकर लगता ही नहीं कि यह सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है । उन्होंने कहा कि यदि कोई इस सेंटर में कमी की बात कहता है तो उसका दिमाग सही नहीं होगा। @newstodayhry #newstodayhry



