फर्जी विज्ञापन और APK से सावधान, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता।।
फर्जी विज्ञापन और APK से सावधान, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता।।

हिसार-(अमित कुमार ):- साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के नए-नए तरीके अपनाए जाने को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिसार श्री सिद्धान्त जैन ने आमजन के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अब फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापनों, व्हाट्सऐप संदेशों, APK फाइलों, फर्जी वेबसाइटों, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश एवं नौकरी के लालच सहित विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से मोबाइल में संदिग्ध APK डाउनलोड करवाकर मोबाइल की Accessibility Permission हासिल करने और वित्तीय धोखाधड़ी करने के मामलों को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
इन बातों का विशेष ध्यान रखें—
🔴 सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले संदिग्ध विज्ञापनों पर क्लिक न करें। विशेष रूप से ऐसे विज्ञापन जो मुफ्त सुविधा, मनोरंजन, नौकरी, निवेश या अन्य आकर्षक ऑफर का लालच दें।
🔴 किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल कभी डाउनलोड न करें। ऐप हमेशा आधिकारिक App Store/Play Store से ही डाउनलोड करें।
🔴 किसी भी अनजान ऐप को Accessibility, Screen Sharing, Remote Access, SMS, Notification या अन्य संवेदनशील Permission देने से पहले अच्छी तरह जांच करें।
🔴 कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED, बैंक, कस्टम या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी दे या पैसे मांगे तो तुरंत सावधान हो जाएं। कानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” किया जाए।
🔴 OTP, PIN, CVV, UPI PIN, ATM कार्ड की जानकारी, बैंक पासवर्ड या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति किसी के साथ साझा न करें।
🔴 UPI में पैसा प्राप्त करने के लिए PIN डालने की जरूरत नहीं होती। QR Code स्कैन करते समय यह अवश्य जांचें कि आप पैसा भेज रहे हैं या प्राप्त कर रहे हैं।
🔴 व्हाट्सऐप/एसएमएस पर आए KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने, पार्सल, चालान या पुरस्कार संबंधी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
🔴 ऑनलाइन निवेश में गारंटीड मुनाफा, कम समय में दोगुना पैसा या फर्जी ट्रेडिंग ऐप के झांसे में न आएं।
ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई करें
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो बिल्कुल देरी न करें। तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ जाती है। I4C भी साइबर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए 1930 और National Cyber Crime Reporting Portal की सुविधा उपलब्ध कराता है।
एसपी हिसार की आमजन से अपील
एसपी श्री सिद्धान्त जैन ने कहा कि साइबर अपराधी तकनीक के साथ-साथ लोगों के डर, लालच और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, ऐप या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। पहले रुकें, जांचें और फिर कोई कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। आमजन स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार के बुजुर्गों, बच्चों एवं अन्य परिजनों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जागरूक करें।। #Newstodayhry @Newstodayhry




