लंगर-भंडारा भारतीय संस्कृति की पहचान, इंसानियत सबसे बड़ा धर्म :- स्वामी रमेश साहुवाला ll
लंगर-भंडारा भारतीय संस्कृति की पहचान, इंसानियत सबसे बड़ा धर्म :- स्वामी रमेश साहुवाला ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-भारत एक ऐसा देश है जहाॅं सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। इसी सेवा भाव का सबसे सुन्दर रूप हमें लंगर और भण्डारा में देखने को मिलता है। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने त्रिपुरारी धाम प्राचीन श्री शिव मन्दिर, श्री गौशाला सिरसा में लगंर भण्डारे का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्यातिथी व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लंगर भण्डारे में भोजन करने से और कराने से पुण्य मिलता है और अन्नदाता का घर कभी खाली नहीं होता।
श्री साहुवाला ने कहा कि लंगर भण्डारा में अमीर-गरीब, जाति-धर्म का भेदभाव मिट जाता है तथा सभी एक साथ बैठकर भोजन का आनन्द लेते है तथा यह सामाजिक समानका का सबसे बड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि लंगर भण्डारा हमें वसुदैव कुटुम्बकम यानी पूरी दुनिया एक ही परिवार है, यह सिखाता है कि यहाॅं सभी जमीन पर बैठकर लंगर भण्डारा का भोजन ग्रहण करते है।
उन्होंने कहा कि लंगर भण्डारा हमें यह संदेश देता है कि हमें सब मिल बांटकर खाना चाहिए और यह भारतीय संस्कृति की पहचान है तथा यह हमें याद दिलाता है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है तथा भूखे को भोजन करवाना ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा है। इस अवसर पर त्रिपुरारी धाम प्राचीन श्री शिव मन्दिर के प्रधान भवानी शंकर साहुवाला ने कहा कि आज जब दुनिया में नफरत और भेदभाव बढ़ रहा है तब लंगर भण्डारे की परम्परा हमें जोड़ने का काम करती है इसलिए हमें अपने जीवन में लंगर भण्डारे का आयोजन करते रहना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहें। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि दुनिया भर के लोग लंगर भण्डारे को सम्मान की नजर से देखते है। इस अवसर पर राज कुमार साहुवाला ने कहा कि लंगर भंडारा भारत का वह उपहार है जो पेट के साथ-साथ दिल भी भर देता है। इससे पूर्व संस्था के प्रधान भवानी शंकर साहुवाला ने मुख्यातिथि स्वामी रमेश साहुवाला का स्वागत किया और उन्हें पटका पहनाकर एवं प्रसाद देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर भवानी शंकर साहुवाला, राज कुमार साहुवाला, रमेश साहुवाला, चन्द्रप्रकाश, विनोद कुमार, विक्रम सैनी, शेखर जी शर्मा, विजय सैनी एवं अन्य भक्त गण उपस्थित थे। @newstodayhry #newstodayhry




