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मसीह-उल-हिंद डा. नंद लाल सिन्हा की 47वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित ll

मसीह-उल-हिंद डा. नंद लाल सिन्हा की 47वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित ll

सिरसा – ( अक्षित कम्बोज ) इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के प्रेरक एवं मसीह-उल-हिंद डा. नंद लाल सिन्हा की 47वीं पुण्यतिथि पर लाइफ केयर इंस्टीट्यूट आॅफ इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में पंजाब के चिकित्सकों व संस्थान के छात्रों ने डा. साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। आरआईईआरएफ के राष्ट्रीय सचिव डा. राजेश कुमार ने बताया कि डा. नंद लाल सिन्हा का जन्म देश के प्रतिष्ठित परिवार में सन 1889 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन काल में अनेक पुस्तकें लिखी और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान दिया। डा. सिन्हा ने भारतीय चिकित्सा के साथ होम्योपैथी और अन्य कई चिकित्सा पद्धतियों में अध्ययन किया । उन्होंने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की शिक्षा लंदन स्थित इम्पीरियल इंस्टीट्यूट आॅफ मैडिसन से प्राप्त कर भारत में सन 1920 में कानपुर जिला में नैशनल यूनिवर्सिटी आॅफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी नामक राष्ट्रीय संस्थान की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि यहां से कई चिकित्सक एवं शोधकर्ता भी इस संस्थान के माध्यम से नयी चिकित्सा पद्धति का अध्ययन कर चुके हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर हर्बल चिकित्सा पद्धति का विकास किया। डा. राजेश कुमार ने आगे बताया कि डा. सिन्हा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु को इस विषय पर विस्तार से बताया था और इसके लिए उन्होंने वायदा भी किया कि निकट भविष्य में भारत सरकार द्वारा पूर्ण स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी, लेकिन इसके बाद परिस्थितियां बदल गईं और राष्ट्रीय मान्यता का मामला अदालत में पहुंच गया। तदोपरांत अब फिर से सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इलेक्ट्रोहोम्योपैथी को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल सकती है । बहरहाल देश के कई राज्यों में निजी मेडिकल संस्थानों के माध्यम से शिक्षण-प्रशिक्षण का कार्य चल रहा है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल पा रहा है। @newstodayhry #newstodayhry

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