पति की मौत के बाद जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हुए यमुनानगर की एक महिला ने ई-रिक्शा चलाकर जीवन की नई शुरुआत की।।
पति की मौत के बाद जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हुए यमुनानगर की एक महिला ने ई-रिक्शा चलाकर जीवन की नई शुरुआत की।।

यमुनानगर-(मनदीप कौर):- पति की मौत के बाद जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हुए यमुनानगर की एक महिला ने ई-रिक्शा चलाकर जीवन की नई शुरुआत की। गोद में छोटी बच्ची और आंखों में हौंसला लिए, वह रोज सड़कों पर उतरती है। यमुनानगर में यह महिला हिम्मत और संघर्ष की मिसाल बन चुकी है।यमुनानगर की सड़कों पर एक महिला रोजाना ई रिक्शा चलाती नजर आती है। लेकिन यह सिर्फ आम बात नहीं है, इसके पीछे छुपी है एक भावुक और साहसिक कहानी। इस महिला के पति की तीन महीने पहले एक हादसे में मौत हो गई थी। तब से उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। गोद मे छोटी सी बेटी, और जिम्मेदारियों का पहाड़। लेकिन टूटने के बजाय इस महिला ने हिम्मत दिखाई और फैसला लिया कि वह खुद को संभालेगी।जहां समाज अक्सर एक महिला के आगे बढ़ने में रुकावट बनता है, वहीं इस महिला ने सारी बंदिशों को तोड़कर ई रिक्शा चलाना शुरू किया। पहले दिन जब वह स्टीयरिंग पर बैठी तो डर, शर्म और लोगों की निगाहें सब कुछ झेलना पड़ा, लेकिन अब वही ऑटो उसकी पहचान बन चुका है। उसके लिए हर दिन चुनौती है, लेकिन हर मुस्कान उसे और मजबूत बना देती है। आज वह न सिर्फ अपने लिए, बल्कि अपनी बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए भी लड़ रही है। उसकी कहानी एक प्रेरणा है, कि जब हालात मुश्किल हों, तब हौसला ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। छोटी बच्ची फौजी बनकर देश की सेवा करना और अपने पापा की सपने को पूरा करना चाहती है । रजनी का कहना है कि वह सुबह 8:00 बजे घर से निकलती है इससे पहले घरों में काम करती है और उसके बाद वह अपना ऑटो लेकर सड़क पर निकल आती है रात 9:00 बजे तक में मेहनत करती है क्योंकि उसके ऊपर कर्जा बहुत है । किराए के मकान में रहती है । समाज में रहतायात पुलिस द्वारा कार्य किया जा रहा है, तो वहां चल को को यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए और अपने वह दूसरों की जान बचानी चाहिए।। #newstodayhry @newstodayhry



