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स्वामी कैलाशपुरी महाराज की चेतावनी: कुदरत का रौद्र रूप देखेगा संसार II

स्वामी कैलाशपुरी महाराज की चेतावनी: कुदरत का रौद्र रूप देखेगा संसार II

भूकंप और सुनामी से होगी बड़ी तबाही : स्वामी कैलाशपुरी महाराज:-
बोले : वैज्ञानिकों में दम है तो पृथ्वी की सीमा में उड़ा कर दिखाएं उपग्रह:-
कहां : प्राकृतिक से छेड़छाड़ पड़ेगी अभी और भी महंगी:-

करनाल-(सुभाष गुप्ता):- महाकाल भैरव अखाड़ा के प्रमुख महाकाल कैलाशपुरी जी महाराज ने कहा कि रूस के काम चटका दीप पर 8.8 की त्रीवता से आया भूकंप प्राकृतिक से ही छेड़छाड़ का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अभी भूकंप और सुनामी से और भी बड़ी तबाही निश्चित है। क्योंकि कई देश और उनके वैज्ञानिक लगातार प्राकृतिक से छेड़छाड़ कर रहे हैं। इसलिए यह छेड़छाड़ बड़ी महंगी पड़ने वाली है। उन्होंने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी काबिलियत और कार्य कुशलता पर इतना ही भरोसा है तो वह पृथ्वी की सीमा के भीतर ही उपग्रह छोड़कर दिखाएं। स्वामी कैलाशपुरी महाराज ने कहा कि पृथ्वी की सीमा से बाहर जाना और सीमा के बाहर जाकर उपग्रह से छेड़छाड़ करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। महाकाल कैलाशपुरी ने कहा कि कुदरत अपने नियमों के मुताबिक की चलती है। कुदरत ने अपने नियमों को कभी नहीं तोड़ा और ना ही उसकी कोई सीमा लांघी है। मगर ठीक इसके उलट मानव पृथ्वी की तबाही का सामान लगातार जुटा रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार एटम बम बनकर उसे समुद्र में छुपा रहा है। पृथ्वी की सीमा लांघ कर चंद्रमा से लगातार छेड़छाड़ कर रहा है। लगातार उपग्रह छोड़कर अंतरिक्ष में कचरा जमा कर रहा है। लगातार पहाड़ों को काटकर उसका दोहन कर रहा है। पहाड़ों को काटकर पर्यटन स्थल बना रहा है। इसलिए पहाड़ों पर लगातार लैंडस्लाइड हो रहे हैं। पहाड़ों की मिट्टी दरक रही है और बेकसूर लोग बेवजह मार रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब तो समुद्र में भी भूकंप आने लगे हैं। उन्होंने एटमी बम का निर्माण करने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा की कुदरत सुनामी और भूकंप के जरिए एटमी बमों को स्वतः ही नष्ट कर देगी। क्योंकि कुदरत भी हिसाब किताब पूरा करना जानती है। स्वामी कैलाशपुरी महाराज ने कहा कि हथियारों को जमा करने की होड़ और उसे बेचकर पैसा कमाने की दौड़ ने इंसान को हैवान बनाकर रख दिया है। मगर इतिहास और युग इस बात के गवाह हैं कि जब-जब इंसान ने प्राकृतिक से छेड़छाड़ की है तब प्राकृतिक ने उसकी सजा भी निर्धारित की है। महाकाल स्वामी कैलाशपुरी ने कहा कि आने वाले समय में भूकंप, सुनामी, लैंडस्लाइड और बाढ़ से तबाही की घटनाओं में लगातार इजाफा होगा। क्योंकि कुदरत अब रौद्र रूप दिखाने लगी है। मगर वैज्ञानिक और कई देशों की सरकारें इसे समझने को तैयार तक नहीं है। स्वामी कैलाशपुरी ने कहा कि कुदरत ने धरती पर रहने वाले इंसानों के लिए एक नियम बनाया है। हमें उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए। पृथ्वी की सीमा को लांघ कर अंतरिक्ष में जाकर चंद्रमा से छेड़छाड़ करना कुदरत के नियमों का उल्लंघन करना है। पहाड़ों को काटकर नगर बसाना भी कुदरत नियमों के खिलाफ है। इसलिए अब नतीजे भुगतने को भी तैयार रहना होगा। उन्होंने अमेरिका को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वह दूसरे देशों पर जितना भी टैरिफ लगा ले मगर उसके हालात सुधरने वाले नहीं है। अपने हथियार बेचने के लिए दूसरे देशों को युद्ध नीति में झोंकना अमेरिका को भारी पड़ने वाला है।। #newstodayhry @newstodayhry

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