संगम स्कूल भरोखां में राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा II
संगम स्कूल भरोखां में राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा II


संगम स्कूल भरोखां में राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा:-
विद्यार्थियों ने चीन निर्मित राखियों के बहिष्कार का दिया प्रेरणादायक संदेश:-
सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- संगम स्कूल भरोखां में भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर राखी बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन बड़े उत्साह और रचनात्मकता के साथ किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें लड़कियों के साथ-साथ लडक़ों ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी कलाए कल्पना और संस्कारों का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए हाथों से सुंदर.सुंदर राखियां बनाई। रंग-बिरंगी, पारंपरिक, पर्यावरण अनुकूल और आकर्षक राखियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
ये रहे प्रतियोगिता परिणाम:-
लड़कियां (वरिष्ठ वर्ग) में काव्या ने प्रथम और प्रलाक्षा ने द्वितीय तथा कनिष्ठ वर्ग में रीत ने प्रथम एवं रीतिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार लडक़ों के वरिष्ठ वर्ग में गुरनूर सिंह ने प्रथम और हर्ष तथा दुष्यंत ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा कनिष्ठ वर्ग में सुख सागर ने प्रथम एवं समर तथा अक्षित ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त करके अपनी कला और कल्पना का लोहा मनवाया। विद्यालय के मुख्याध्यापक छगन सेठी ने बताया कि आज से ठीक आठ वर्ष पूर्व हमनें एक सामूहिक संकल्प लिया था कि हम चीन निर्मित राखियों का बहिष्कार करेंगे। तब से लेकर आज तक संगम स्कूल के सभी विद्यार्थी केवल स्वदेशी और स्वनिर्मित राखियों का ही उपयोग करते हैं। यह परंपरा अब हमारे विद्यालय की पहचान बन चुकी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने राखियां स्वयं बनाई हैं या अपनी बहनों द्वारा बनाई गई राखियां ही बंधवाएंगे। यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। इस प्रतियोगिता की सफलता में विद्यालय की अध्यापिकाओं, संजू, मंजू, अनामिका, ममता, पूनम और भारती का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पिछले 10 दिनों तक निरंतर प्रयास करते हुए विद्यार्थियों को राखी निर्माण की तकनीकें सिखाई और उनकी रचनात्मकता को दिशा दी। विद्यालय परिवार की यह पहल न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने वाली रही, बल्कि भारतीय संस्कृति, स्वदेशी भावना और सृजनात्मकता को भी मजबूत करने वाली साबित हुई।। #newstodayhry @newstodayhry



