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नूंह जिले के उजीना में धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी।।

नूंह जिले के उजीना में धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी।।

मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच मनाई कृष्णा जन्माष्टमी:-

नूंह जिले के सभी मंदिरों में 100 से जायदा पुलिस कर्मी तैनात किए गए:-

नूंह-(निकुंज गर्ग):- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नूंह जिले के उजीना क्षेत्र में बड़ी धूमधाम और श्रद्धा भाव से मनाया गया। दिनभर मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से ही गांव के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और सजावट की गई। मंदिर प्रांगण को फूलों, झालरों और रोशनी से आकर्षक रूप दिया गया।

भक्तों ने पूरे दिन व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की:-

भक्तों ने पूरे दिन व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और शाम को भजन-कीर्तन में भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें माखन चोरी, कंस वध, और रासलीला जैसे प्रसंगों का चित्रण किया गया। इन झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया और लोग देर रात तक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे।

भजन संध्या का आयोजन हुआ:-

शाम ढलते ही भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। महिलाओं ने भी मंगल गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान “हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।मध्यरात्रि को जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण जन्म का समय हुआ, मंदिरों में शंखनाद और घंटा-घड़ियाल बज उठे। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान पालकी सजाकर छोटे-छोटे बच्चों को श्रीकृष्ण का स्वरूप बनाकर मंदिर में ले जाया गया, जिसे देखकर भक्तों में उल्लास की लहर दौड़ गई।

जन्माष्टमी का पर्व समाज में भाईचारे, प्रेम और आस्था का संदेश देता है:-

ग्रामीणों ने बताया कि जन्माष्टमी का पर्व समाज में भाईचारे, प्रेम और आस्था का संदेश देता है। इस अवसर पर गांव-गांव में प्रसाद और भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जन्माष्टमी उत्सव को लेकर प्रशासन और गांव की कमेटियों ने भी पूरी व्यवस्था की थी। मंदिरों में सुरक्षा और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया।कुल मिलाकर उजीना क्षेत्र में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और उत्सव का प्रतीक बनकर सामने आया। भक्तों ने संकल्प लिया कि श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, करुणा और सद्भावना का संदेश फैलाया जाएगा।। #newstodayhry @newstodayhry

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