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पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव प्रचार हेतु हरियाणा की सरकारी मशीनरी एवं राजस्व कोष का खुल कर दुरुपयोग ll

पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव प्रचार हेतु हरियाणा की सरकारी मशीनरी एवं राजस्व कोष का खुल कर दुरुपयोग ll

सिरसा – ( अक्षित कम्बोज ) हरियाणा प्रदेश व्यापार मंच के प्रदेशाध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के जिला प्रधान ज्योति प्रकाश गुप्ता ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब तथा हरियाणा दोनों पड़ौसी राज्यों में आपसी भाईचारा, रिश्तेदारियां तथा समानता है, जिस कारण से पंजाब से हरियाणा और हरियाणा से पंजाब में रोजाना रेल व सड़क मार्गों द्वारा लाखों लोगों का आवागमन होता रहता है, जिस से पंजाब के प्रबुद्ध मतदाताओं से भाजपा शासित हरियाणा राज्य की वर्तमान दुर्दशा छुपी हुई नहीं है। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की पूरे हरियाणा में 6 अगस्त से जारी दूसरी हड़ताल से अस्वच्छता के कारण जगह- जगह पर लगे कूड़ा-कर्कट के ढेरों पर भिनभिनाते मक्खियों, मच्छरों के झुंड के बीच मुंह मारते आवारा पशु गौवंश से प्रत्येक हिंदू, सिख की धार्मिक भावना आहत होती है। क्या प्रधानमंत्री मोदी जी की हरियाणा में निकम्मी जनविरोधी डबल इंजन सरकार को यह दुर्दशा दिखाई नहीं देती? क्या महामारी फैलने के बाद सरकार जागेगी? हरियाणा का प्रत्येक मतदाता भाजपा को वोट दे कर सत्तासीन कर के पछता रहा है और विकल्प के तौर पर अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मात्र 6 माह की अल्प अवधि के लिए संवैधानिक तौर पर पुन: मुख्यमंत्री की मांग आमजन से आ रही है, ताकि हरियाणा राज्य, दुर्दशा की परिस्थिति से उत्तर कर फिर से पटरी पर लौट कर सुव्यवस्थित हो सके। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रकाश गुप्ता ने कहा कि भाजपा के पक्ष में जनाधार के गिरते ग्राफ को देख कर पंजाब की कोई भी पार्टी, सहयोगी बनने के जोखिम से बच रही है, अत: यही कारण है कि भाजपा को मजबूरन अकेले ही चुनावी दंगल में उतरना पड़ेगा। क्योंकि विगत में किसान आन्दोलन के दौरान पंजाब की 85 प्रतिशत से ज्यादा भागीदारी रही थी, यानी मेजर लायन शेयर रहा था। 13 महीनों से ज्यादा समय तक चले इस आन्दोलन में किसान अपना घरबार, खेत-खलियान छोड़ कर खुले आसमान के नीचे भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप, बारिश, और ठिठुरती सर्दी में अस्थाई तंबुओं में भूखे-प्यासे रह कर आजाद भारत में 752 किसानों ने कुबार्नी दी थी। तब जा कर संसद से पारित तीनों काले-कानूनों को वापिस ले कर निरस्त करने के लिए बाध्य होना पड़ा था, जिस के जख्म अभी तक भरे नहीं है। देश के अन्नदाता किसानों को दिल्ली जाने से अवैध तरीकों द्वारा रोका गया, सड़क मार्ग पर गड्ढे, दिवारें, कीलें तक गाड़ कर मार्ग में अवरोध खड़े किए गए, इस कुकृत्य को पंजाब के धरतीपुत्र कैसे भूल सकते हैं। भले ही भाजपा नेता, सिख वेशभूषा पगड़ी-फिफ्टी लगा कर, चाहे कृपाण धारण कर के पंजाब में कितना ही प्रचार कर ले और हरियाणा की सरकारी मशीनरी व राजस्व का दुरुपयोग कर ले, मगर जनता सांग रचने वाले बहुरूपियों को भली-भांति पहचानती है। @newstodayhry #newstodayhry

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