गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान मानवता के लिए अमर प्रेरणा: स्वामी रमेश साहुवाला II
गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान मानवता के लिए अमर प्रेरणा: स्वामी रमेश साहुवाला II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- गुरू अर्जुन देव जी का जीवन और शहादत केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना हैं। उन्होंने सिखाया कि सत्य, धर्म और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए बिना किसी हथियार को उठाए, शांत रहकर भी अन्याय के खिलाफ लड़ा जा सकता हैं। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय कोर्ट कालोनी में गुरू अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर प्रैस के नाम जारी एक विज्ञप्ति में कहें। उन्होंने कहा कि गुरू अर्जुन देव जी सिख धर्म के पांचवें गुरू, एक महान आध्यात्मिक मार्गदर्शक, दूरदर्शी समाज सुधारक और सिख इतिहास के प्रथम शहीद थे जिनका सिख धर्म को एक संगठित और सुदृढ़ स्वरूप देने में उनका योगदान अतुलनीय हैं। उन्होंने न केवल सिखों को उनका सबसे पवित्र धार्मिक स्थल हरिमंदिर साहिब दिया, बल्कि पवित्र आदि ग्रंथ, गुरू ग्रंथ साहिब का संकलन करके मानवता को शांति और समानता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरू अर्जुन देव जी ने धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान उन्हेें इतिहास में शहीदों के सरताज के रूप में अमर कर दिया। श्री साहुवाला ने कहा कि गुरू अर्जुन देव जी एक महान कवि और संगीतकार भी थे। उन्होंने अपनी वाणी को विभिन्न रागों में ढ़ाला। उन्होंने बताया कि उनकी सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय रचना सुखमनी साहिब (सुख की मणि) हैं। उन्होंने बताया कि इस पावन वाणी में मन को शांति देने, अहंकार को मिटाने, परमात्मा के नाम सिमरन और एक आदर्श जीवन जीने का मार्ग बताया गया हैं। आज भी लाखों लोग मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति के लिए प्रतिदिन इसका पाठ करते है। उन्होंने कहा कि श्री गुरू अर्जुन देव जी का जीवन आज भी पूरी मानवता को परोपकार, सहनशीलता, ईश्वर में अटूट विश्वास और शांतिपूर्ण प्रतिरोध की प्रेरणा देता हैं। #newstodayhry @newstodayhry



