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पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने आपातकाल विरोधी संघर्ष के नायकों को किया नमन।।

पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने आपातकाल विरोधी संघर्ष के नायकों को किया नमन।।

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने आपातकाल के 51 साल पूरे होने पर आज आपातकाल विरोधी संघर्ष के सभी नायकों को नमन किया। कांडा बंधुओं ने कहा कि उन सभी महान विभूतियों की बदौलत ही लोकतंत्र जिंदा रहा। गोपाल कांडा व गोबिंद कांडा ने आपातकाल का पुरजोर विरोध करने वाले अपने पिता स्वर्गीय बाबू मुरलीधर कांडा एडवोकेट का भी भावपूर्ण स्मरण किया। आपातकाल विरोधी सेनानी के रूप में बाबू मुरलीधर कांडा को सरकार से मिले ताम्रपत्र सम्मान का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिता जी को मिला ताम्र पत्र सम्मान पूरे कांडा परिवार के लिए प्रेरणा और ऊर्जा जा स्रोत है। पूर्व मंत्री गोपाल कांडा और वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में इमरजेंसी यानी कि आपातकाल लगाने की घोषणा की थी, जो मार्च 1977 तक चली थी। देश के काले अध्याय के रूप में देखे जाने वाले इस दुर्भाग्यपूर्ण काल के 51 साल पूरे हुए हैं। उस 21 महीने के दौरान देश के नागरिकों की स्वतंत्रता में कटौती की गई, जनता को प्रताड़ना सहनी पड़ी थी, उसे याद कर आज भी लोग सहम जाते हैं। इमरजेंसी के दौरान विपक्षी पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा ने कहा कि उस समय कांग्रेस और स्वयं को सत्ता में काबिज रखने की सोच के साथ इंदिरा गांधी ने आपातकाल थोपने का काम किया। लोकतंत्र का गला घोंटने की सोच को लागू किया। उन्होंने कहा कि पिता जी बाबू श्री मुरलीधर जी कांडा एडवोकेट ने भी आपात काल का डटकर विरोध किया। समर्पित स्वयं सेवक और जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शामिल पिता जी बाबू मुरलीधर कांडा को गिरफ्तार कर लिया गया। काफी यातनाएं दी गईं। लेकिन मां भारती के इस लाल ने सभी प्रताड़नाओं को सहा। आज इस काले दिन के 51 साल पूरे हुए हैं। पिता जी ने उस दौरान जेल में रहते हुए, विपरीत परिस्थितियों में, संकटकाल में कैसे डट कर, अडिग रहकर खुद को मजबूत रखा जाए यह शिक्षा दी। कांडा बंधुओं ने कहा कि पिता जी के क्रांतिकारी विचार, राष्ट्रभक्ति, गौसेवा, जन जन को समर्पित जीवन पूरे कांडा परिवार का मार्गदर्शन करता है और करता रहेगा। आपातकाल आंदोलन में उनके संघर्ष का सम्मान करते हुए सरकार द्वारा ताम्र पत्र प्रदान किया। पिता जी का यह ताम्रपत्र सम्मान हमारे लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है।
गोपाल कांडा ने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय के 51 साल पूरे होने पर आपसे सीखी यह बात मजबूती देती है कि “अंधेरा कितना भी घना हो, सूरज की रोशनी को कोई रोक नहीं सकता। पिता जी की तरह आपातकाल में प्रताड़ना सहने वाले सभी नायकों , महान विभूतियों को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि गौसेवा, समाजसेवा, बेसहारा जीवों की सेवा की जो राह पिता जी ने दिखाई उस पर पूरा कांडा परिवार मजबूती से चल रहा है।। #Newstodayhry @Newstodayhry

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