ई-20 ग्रीन फ्यूल्स फैक्ट्री में सब्सिडी वाले नीम-कोटेड यूरिया के अवैध उपयोग का आरोप, केस दर्ज ll
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ओढ़ां-(अशोक गर्ग):-मौसम में हो रहे बदलाव और दूषित खानपान के कारण इन दिनों उल्टी, दस्त और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय रोग संचारी कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओढ़ा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सुमित जैन और स्टाफ नर्स ने लोगों को जागरूक करते हुए विशेष हिदायतें जारी की हैं। एसएमओ सुमित जैन ने बताया कि दूषित पानी और बासी भोजन इस बीमारी के मुख्य कारण हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण बहुत जल्दी फैलता है। @newstodayhry #newstodayhry
उन्होंने आमजन से अपील की है कि बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
कार्यक्रम के दौरान स्टाफ नर्स अमनदीप कौर ने ग्रामीण महिलाओं और मरीजों को जागरूक करते हुए डायरिया से बचने के घरेलू व व्यावहारिक उपाय सांझा किए। उन्होंने बताया कि एक लीटर उबले हुए ठंडे पानी में पूरा पैकेट ओआरएस मिलाकर इस घोल का इस्तेमाल केवल 24 घंटे के भीतर ही करना चाहिए। छोटे बच्चों को दस्त बंद होने के बाद भी डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे 14 दिनों तक जिंक की गोली देनी जरूरी है, ताकि भविष्य में संक्रमण से बचाव हो सके। उन्होंने माताओं को सलाह दी कि बच्चों को खाना खिलाने से पहले खुद के और बच्चों के नाखून नियमित काटें और हाथों को साबुन पानी से अच्छी तरह धोएं, क्योंकि गंदगी ही डायरिया की मुख्य जड़ है।
अंत में एसएमओ सुमित जैन ने सुझाव दिया कि अधिकांश संक्रमण पानी की वजह से होते हैं। पानी को हमेशा उबालकर और ठंडा करके ही इस्तेमाल में लाएं, मक्खियों से दूषित और बाजार के खुले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। ताजा व हल्का भोजन जैसे खिचड़ी, दलिया या केला लें। छोटे बच्चों में दस्त होने पर भी मां का दूध पिलाना कतई बंद न करें। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओढ़ा में सरकार की ओर से ओआरएस पैकेट, जिंक की गोलियां और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और इन्हें मुफ्त दिया जा रहा है।@newstodayhry #newstodayhry



