फर्जी बिल के सहारे चलता था नशीली गोलियों का कारोबार, आरोपी गिरफ्तार ll
फर्जी बिल के सहारे चलता था नशीली गोलियों का कारोबार, आरोपी गिरफ्तार ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-सिरसा पुलिस ने करीब 75 लाख रुपये कीमत की 3 लाख 6 हजार नशीली टैपेंटाडोल गोलियों की बरामदगी के चर्चित मामले में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने दवा कंपनी के मालिक से सांठगांठ कर फर्जी बिल तैयार करवाने के आरोप में हरजीत सिंह पुत्र सुखपाल निवासी गांव मसीतां, तहसील डबवाली को गिरफ्तार किया है। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। @newstodayhry #newstodayhry पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम लगातार जांच में जुटी हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पहले पंजाब के बठिंडा स्थित एश्मुन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में नौकरी करता था। नौकरी के दौरान उसकी कंपनी के मालिक से अच्छी पहचान हो गई थी। बाद में नौकरी छोड़ने के बाद वह डबवाली के शिवम मेडिकल तथा गांव जगमालवाली स्थित नौरंग मेडिकल स्टोर पर काम करने लगा। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि कंपनी के मालिक से पुराने संबंधों का फायदा उठाकर उसने युवाओं में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली टैपेंटाडोल गोलियां मंगवाने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। इसके लिए वह विभिन्न मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस नंबर और दस्तावेज कंपनी को भेजता था l जिनके आधार पर फर्जी बिल तैयार कर पार्सल के माध्यम से नशीली दवाइयों की सप्लाई की जाती थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसके पास जिले के कई मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस संबंधी जानकारी उपलब्ध थी। इसी का दुरुपयोग करते हुए वह फर्जी दस्तावेज तैयार करवाता और दवाइयों की खेप मंगवाता था। जिन मेडिकल स्टोर संचालकों या अन्य लोगों को इन दवाइयों की आवश्यकता होती l वे उससे फोन पर संपर्क कर ऑर्डर देते थे। इसके बाद आरोपी स्वयं तय स्थान पर जाकर नशीली दवाइयों की आपूर्ति करता था। एसपी दीपक सहारन ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान जिस भी मेडिकल स्टोर संचालक, दवा कारोबारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आएगी उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिरसा में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। इसी कड़ी में सिरसा पुलिस की टीमें पंजाब के बठिंडा और चंडीगढ़ में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क, फर्जी बिल तैयार करने वाले लोगों तथा इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। एसपी ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। @newstodayhry #newstodayhry



