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विश्व जनसंख्या दिवस: जनसंख्या नियंत्रण ही विकसित भारत की कुंजी — स्वामी रमेश साहुवाला ll

विश्व जनसंख्या दिवस: जनसंख्या नियंत्रण ही विकसित भारत की कुंजी — स्वामी रमेश साहुवाला ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-श्री साहुवाला ने कहा कि जनसंख्या किसी भी देश की शक्ति भी हैं और चुनौती भी। भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्यां वाला देश बन चुका हैं तथा बढ़ती जनसंख्या विकास की गति को प्रभावित करती हैं इसलिए इसे संतुलित रखना जरूरी हैं। ये शब्द स्थानीय कोर्ट कालोनी में विश्व जनसंख्या दिवस पर प्रैस के नाम जारी एक विज्ञप्ति में कहें।
श्री साहुवाला ने कहा कि भारत में जनसंख्यां बढ़ने के कई कारण हैं जिसमें सबसे पहला कारण जन्म-दर का अधिक होना हैं तथा अशिक्षा, अंधविश्वास और बेटे की चाह के कारण लोग अधिक बच्चे पैदा करते हैं और दूसरा कारण मृत्यु दर में कमी हैं जोकि चिकित्सा सुविधाओं के बेहतर होने से शिशु मृत्यु दर घटी हैं और लोगों की औसत आयु बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इसका तीसरा कारण गरीबी और बाल विवाह हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग बच्चों को कमाने वाला हाथ मानते हैं। इसके साथ प्रवास भी एक कारण हैं जिसमें रोजगार की तलाश में लोग गांव से बाहर आते हैं जिससे शहरों की जनसंख्यां तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ने से भोजन, कपड़ा, मकान जैसी मूलभूत जरूरते बढ़ जाती है जिससे बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई बढ़ती हैं और सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर अधिक खर्च करना पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्यां से स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती हैं तथा आवास, ट्रैफिक और अपराध बढ़ते हैं तथा संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा के कारण सामाजिक तनाव पैदा होता हैं। @newstodayhry #newstodayhry
श्री साहुवाला ने कहा कि अधिक लोगो के लिए जंगल काटकर घर और कारखाने बनाए जाते हैं जिससे प्रदूषण, जल संकट, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन होता हैं। तथा सीमित जमीन पर बढ़ती जनसंख्या का दवाब पड़ता हैं जिससे कृषि योग्य भूमि घटती हैं और खाद्दान की मांग बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला छोटे परिवार को महत्व देती हैं तथा परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक साधनों के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए जिसके लिए सरकार ने हम दो हमारे दो का नारा दिया हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर रोक, गरीबी उन्मूलन और रोजगार के अवसर बढ़ाकर भी जनसंख्यां वृद्धि को रोका जा सकता हैं जिसमें मीडिया, फिल्म और सोशल मीडिया के जरिए छोटे परिवार के फायदे बताने चाहिए और स्वास्थ सेवाओं को सुदृढ़ करना भी जरूरी है ताकि लोग अधिक बच्चे पैदा करेंगे तो कुछ तो जीवित रहेंगे, वाली सोच छोड़े।
उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या को सही दिशा दी जाए तो यह जनशक्ति बन सकती हैं तथा भारत के पास सबसे युवा आबादी हैं। अगर इन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार मिलें तो यहीं युवा देश् की अर्थवयव्स्था को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित जनंसंख्या विकास में बाधा बनती हैं जबकि नियंत्रित और शिक्षित जनसंख्या देश की उन्नति का आधार बनती हैं। इस पर सरकार, समाज और प्रत्येक नागरिक को मिलकर परिवार नियोजन अपनाना होगा तभी हम विकसित भारत का सपना साकार कर पाएंगे क्योंकि संतुलित जनसंख्या ही समृद्ध और स्वस्थ राष्ट्र की कूंजी हैं। @newstodayhry #newstodayhry

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