एक वर्ष बाद गरीब परिवार के दो गुमशुदा मासूम बच्चों को परिवार से मिलवाने में डबवाली पुलिस को बड़ी सफलता।।
एक वर्ष बाद गरीब परिवार के दो गुमशुदा मासूम बच्चों को परिवार से मिलवाने में डबवाली पुलिस को बड़ी सफलता।।

डबवाली-(पंकज गुदारा ):- पुलिस अधीक्षक डबवाली श्रीमती जसलीन कौर, आईपीएस के निर्देशन में थाना कालांवाली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस एवं रेलवे चाइल्ड लाइन गोरखपुर के सहयोग से लगभग एक वर्ष पूर्व गुम हुए दो मासूम भाइयों को सकुशल उनके परिवार से मिलवाकर मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना कालांवाली में दिनांक 02 सितम्बर 2025 को एक महिला ने अपने दो नाबालिग पुत्रों अरमान (लगभग 10 वर्ष) तथा जान उर्फ जानबाज (लगभग 6 वर्ष) के गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने बताया था कि उसके पति का कुछ समय पूर्व निधन हो चुका है तथा परिवार अत्यंत गरीब परिस्थितियों में जीवन-यापन कर रहा है। दोनों बच्चे बिना बताए घर से चले गए थे, जिसके बाद थाना कालांवाली में धारा 127(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कालांवाली पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए तथा उनकी जानकारी विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों और संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की गई। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम को दोनों बच्चे लावारिस अवस्था में मिले। बच्चों को तत्काल संरक्षण में लेकर नियमानुसार बाल कल्याण समिति, गोरखपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया। बाल कल्याण समिति के आदेशों के अनुसार दोनों बच्चों को सुरक्षित बाल संरक्षण गृह में रखा गया तथा उनकी पहचान एवं परिजनों का पता लगाने की प्रक्रिया लगातार जारी रही। बाद में उपलब्ध अभिलेखों एवं पुलिस रिकॉर्ड के मिलान के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चे थाना कालांवाली क्षेत्र से गुम हुए थे। इसके उपरांत उत्तर प्रदेश पुलिस, रेलवे चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति गोरखपुर तथा थाना कालांवाली पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। सत्यापन उपरांत थाना कालांवाली पुलिस की टीम गोरखपुर पहुंची और दोनों मासूम बच्चों को विधिक प्रक्रिया के तहत अपने संरक्षण में लेकर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। करीब एक वर्ष बाद अपने दोनों बेटों को सामने देखकर परिवार की आंखें खुशी से नम हो गईं। आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार के लिए यह पल किसी नई जिंदगी मिलने से कम नहीं था। परिवार ने दोनों राज्यों की पुलिस, रेलवे चाइल्ड लाइन एवं बाल कल्याण समिति का भावुक होकर आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक डबवाली श्रीमती जसलीन कौर, आईपीएस ने कहा कि “पुलिस का दायित्व केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता कर उन्हें उनके अपनों से मिलाना भी है। दोनों मासूम बच्चों का सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंचना सभी संबंधित एजेंसियों के बेहतर समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का परिणाम है। डबवाली पुलिस भविष्य में भी आमजन की सुरक्षा एवं सेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।। #Newstodayhry @Newstodayhry




