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रानियां में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित ll

रानियां में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित ll

रानिया-(अमन बंसल):- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रानियां की ओर से 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शमशेर सिंह सहित श्री सतपाल जी, श्रीमती हरजीत कौर, श्रीमती सुनीता, श्रीमती कुलविंदर कौर एवं श्री विपिन कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम रानियां की बहन अंशुल एवं बहन प्रतिभा ने विशेष रूप से उपस्थित होकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया। देशभर में चल रहे इस अभियान के तहत 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक 10 करोड़ नागरिकों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान का उद्देश्य केवल नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, आत्मनियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शमशेर सिंह ने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है और शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, तकनीक, रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे तो देश निश्चित रूप से तेजी से प्रगति करेगा।
प्रधानाचार्य श्री शमशेर सिंह ने कहा कि नशे से बचाव के लिए केवल कानून या प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और प्रत्येक नागरिक को मिलकर इसके खिलाफ जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी अपने परिवार और मित्र मंडली में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है।
श्री सतपाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि नशामुक्ति का संकल्प केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे जीवन का स्थायी संकल्प बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी बुरी आदत से दूर रहने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक वातावरण और परिवार का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार खेल, शिक्षा, योग, ध्यान, सामाजिक सेवा एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करता है और सकारात्मक संगति अपनाता है तो वह अनेक बुरी आदतों से स्वयं को बचा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे नशामुक्ति के संदेश को केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि इसे घर-घर और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास करें।
इस अवसर पर बहन अंशुल ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति की कार्यक्षमता, पारिवारिक संबंधों और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए युवाओं को शुरुआत से ही सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जीवन में तनाव, असफलता या किसी परेशानी का सामना होने पर गलत आदतों का सहारा लेने के बजाय परिवार, शिक्षक और भरोसेमंद लोगों से बातचीत करनी चाहिए। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने में सहायता करते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से नशामुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बहन प्रतिभा ने कहा कि नशामुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार अपने बच्चों के साथ नियमित रूप से संवाद करें, उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें पर्याप्त समय दें, तो अनेक सामाजिक बुराइयों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता, ध्यान, योग, अनुशासन और सकारात्मक संगति व्यक्ति के आत्मविश्वास को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवन और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से आगे आने का संदेश दिया।कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती हरजीत कौर, श्रीमती सुनीता, श्रीमती कुलविंदर कौर एवं श्री विपिन कुमार ने भी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्ति के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं को सही मार्गदर्शन देना परिवार एवं शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति को लेकर उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी या सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
10 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य
देशभर में चलाए जा रहे 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का लक्ष्य बड़ी संख्या में नागरिकों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाना है। अभियान के अंतर्गत युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करने, परिवारों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने तथा सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी संस्था के अनुसार अभियान 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक चलाया जा रहा है और इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी समझे। एक व्यक्ति का नशा छोड़ना उसके अपने जीवन में बदलाव लाता है, लेकिन जब पूरा परिवार और समाज मिलकर नशामुक्ति का संकल्प लेता है तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
विद्यार्थियों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश
विद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान अच्छी आदतें अपनाने से व्यक्ति का व्यक्तित्व मजबूत होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे पढ़ाई के साथ खेलकूद, योग, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में भी भाग लें। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने समय एवं ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर पाएंगे।
प्रधानाचार्य श्री शमशेर सिंह ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं और उन्हें सही दिशा दिखाना शिक्षकों का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी आश्रम रानियां की बहनों का कार्यक्रम में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को जागरूक करने के लिए आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया। उपस्थित अतिथियों ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि स्वस्थ युवा, स्वस्थ परिवार और नशामुक्त समाज ही मजबूत एवं विकसित भारत की आधारशिला है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री शमशेर सिंह, श्री सतपाल जी, बहन अंशुल, बहन प्रतिभा, श्रीमती हरजीत कौर, श्रीमती सुनीता, श्रीमती कुलविंदर कौर एवं श्री विपिन कुमार सहित अन्य उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। @newstodayhry #newstodayhry

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