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सजूमा में 3 करोड़ की योजना, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई अटकी।।

सजूमा में 3 करोड़ की योजना, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई अटकी।।

कलायत-( तरसेम सिंह ):- कलायत के सजूमा गांव में डीसी अपराजिता के दौरे के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी करीब तीन करोड़ों रुपए के वाटर ट्रिटमेंट प्लांट निर्माण एवं पेयजल योजना रखरखाव करने वाली एजेंसी की जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही पूर्ण नहीं हो पाई है। इसके चलते जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। समाज सेवी राधेश्याम प्रजापति नेे बताया कि इस संबंध मेें उन्होंने सरकार को अलग-अलग माध्यमों से शिकायत भेजी थी। जवाब में कहीं भी एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही की पुष्टि नहीं हुई। इससे जाहिर है कि भारी लापरवाही से जुड़े इस मामले में कहीं न कहीं एजेंसी को फायदा पहुंंचाने के प्रयास हो रहे हैं। जबकि 15 जुलाई को डीसी ने दूषित पेयजल सप्लाई के कारण गांव में फैले पीलिया रोग को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मामले को संजीदगी से लेते हुए दौरा किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार उस समय जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया था कि संबंधित योजना की निर्माण व रखरखाव एजेंसी का कार्य संतोष जनक न पाए जाने पर विभाग ने इस एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किया है। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्यवाही जमीनी स्तर पर नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों व समाज सेवी संगठनों में रोष है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी की सप्लाई के कारण गांव में बीमारी ने सिर उठाया। इसके चलते मासूम रितिका की मौत हुई। इसी परिवार का छह वर्षीय बेटा केशव भी सिविल अस्पताल में एडमिट रहा। डीसी ने खुद भी प्रभावित परिवारों के घरों में पहुंचकर न केवल उन्हें सांत्वना दी थी बल्कि हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इससे प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास मजबूत हुआ था। उन्होंने पेयजल योजना को मांग के अनुरूप नहरी पानी देने, पेयजल पाइप लाइनों में रिसाव की समस्या का हल करने, नहरी पेयजल योजना की चारदीवारी, डब्लयूटीपी के प्रभावी ढंग से क्रियाशील करने व कुछ अन्य मांगेें प्रमुखता से डीसी के सामने उठाई थी। डीसी नेे ग्रामीणों के बीच खड़े होकर खुले शब्दों में कहा कि गांव के नलों में स्वच्छ जल पहुंचेगा देट इज माइ वर्ड यानी उन्होंने समस्या के निवारण को लेकर पूरी तरह विश्वास भरा वायदा किया। उनके साथ कैथल एसडीएम संजय कुमार, सीएमओ डा. रेणू चावला, जन स्वास्थ्य विभाग अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल, कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल, एसएमओ डा.किरण सिंधु व अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे। डीसी ने जब दौरा किया उस समय गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सिविल सर्जन डा.रेणू चावला व अन्य डॉक्टरों की टीम से फीडबैक लिया गया था। सीएमओ ने 15 जुलाई को अपडेट देेते हुए बताया था कि गांव में अभी तक 109 सैंपल किए गए हैं। इसमें से हेपेटाइटिस-ए के 33 और टाइफाइड के 12 मामलों की पुष्टि हुई है। सभी जरूरी टेस्टों की सुविधा उपलब्ध करने के दावे किए गए। ग्रामीणों की सुरक्षा और त्वरित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सजुमा गांव में 24 घंटे स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई।
शीर्ष अधिकारियों के आदेश अनुसार होगी कार्यवाही:
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कैथल के कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल ने बताया कि वाटर ट्रिटमेंट प्लांट निर्माण एवं पेयजल योजना रखरखाव करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा पूर्ण करते हुए रिपोर्ट ऊपर भेजी गई है। इस पर फाइनल निर्णय लेने का अधिकारी शीर्ष अधिकारियों का है। अधिकारियों के आदेश अनुसार आगामी कार्यवाही होगी।। #Newstodayhry @newstodayhry

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