पंचायती राज इंजीनियर्स का सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, 8 से 10 सितंबर तक सांकेतिक हड़ताल ll
पंचायती राज इंजीनियर्स का सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, 8 से 10 सितंबर तक सांकेतिक हड़ताल ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-हरियाणा पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन (॥क्कक्रश्व्र) ने पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग के प्रस्तावित युक्तिकरण एवं पुनर्गठन के विरोध में सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 8 से 10 सितंबर तक प्रदेशव्यापी सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गई तो संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाएगा। हड़ताल को लेकर मंगलवार को पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान सुनील छापौला के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला, सिरसा विधायक गोकुल सेतिया, भाजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट यतिंद्र सिंह, भाजपा डबवाली जिलाध्यक्ष रेणु शर्मा, भाजपा नेता गोबिंद कांडा, उडीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल को ज्ञापन सौंपा गया है।
जिला प्रधान सुनील छापौला ने कहा कि पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग के प्रस्तावित युक्तिकरण एवं पुनर्गठन को लेकर इंजीनियरों में भारी रोष है। संगठन का आरोप है कि प्रस्तावित पुनर्गठन में इंजीनियरिंग विंग की तकनीकी कमांड, गुणवत्ता नियंत्रण, जवाबदेही और कार्यों के प्रभावी निष्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के प्रथम चरण के तहत मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को विधायक के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मांग रखी कि इंजीनियरिंग विंग को कमजोर करने के बजाय अन्य प्रमुख इंजीनियरिंग विभागों पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), पीएचईडी, आईडब्ल्यूआरडी तथा एचएसएएमबी की तर्ज पर स्वतंत्र, सुदृढ़ एवं पूर्ण तकनीकी विंग के रूप में विकसित किया जाए। एसोसिएशन की मांग हौ कि इंजीनियरिंग विंग में इंजीनियर-इन चीफ, चीफ इंजीनियर, सुपरीडेंटिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीई, जेई/ सुपरवाइजर की स्पष्ट तकनीकी कमांड श्रृंखला बनाए रखना आवश्यक है।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान महेंद्र सिंह व वरिष्ठ महासचिव विनोद मलिक ने बताया कि पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग ग्रामीण विकास से जुड़ी करीब 60 योजनाओं तथा लगभग 9500 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट से संबंधित कार्यों के निष्पादन, तकनीकी पर्यवेक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे में तकनीकी पदों एवं मानव संसाधन में प्रस्तावित कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध निष्पादन प्रभावित होने की आशंका है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग को कमजोर करने के बजाय उसकी तकनीकी क्षमता बढ़ाई जाए तथा ग्रामीण विकास से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।
एसोसिएशन ने कहा कि मांगों को लेकर पहले चरण में सरकार को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा गया है। इसके बाद 8 से 10 सितंबर तक प्रदेशभर में सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। यदि इस अवधि में सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। संगठन ने सरकार से अपील की है कि ग्रामीण विकास से सीधे जुड़े इंजीनियरिंग ढांचे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित युक्तिकरण पर पुनर्विचार किया जाए और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।@newstodayhry #newstodayhry




