ओपन स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना सरकार का तानाशाही रवैया ll
ओपन स्कूल फीस में बढ़ोतरी करना सरकार का तानाशाही रवैया ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा ओपन स्कूल के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा फीस में की गई भारी बढ़ोतरी पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखा विरोध शुरू हो गया है। जननायक जनता पार्टी के ऐलनाबाद हलका अध्यक्ष अनिल कासनिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बोर्ड और राज्य सरकार के इस कदम को युवा विरोधी और तानाशाही करार दिया है। अनिल कासनिया ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि बोर्ड प्रशासन ने परीक्षा फीस में सीधे तौर पर तीन गुना बढ़ोतरी करके युवाओं को ठगने और उन्हें उच्च शिक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र रचा है। उन्होंने बताया कि जो परीक्षा फीस पहले मात्र 1300 रुपये हुआ करती थी, उसे बढ़ाकर अब सीधे 3500 रुपये कर दिया गया है। एक साधारण परिवार के विद्यार्थियों के लिए इतनी बड़ी फीस अदा करना बेहद कठिन है। जेजेपी नेता ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और शिक्षा के प्रसार के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ बोर्ड के माध्यम से शिक्षा को इतना महंगा किया जा रहा है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे चाहकर भी अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे। जो युवा किन्हीं कारणों से नियमित रूप से स्कूल नहीं जा सके और ओपन के जरिए अपनी योग्यता बढ़ाना चाहते हैं, सरकार का यह फैसला उनकी उम्मीदों पर कुठाराघात है। जननायक जनता पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस अन्यायी और भारी फीस बढ़ोतरी को तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी राज्य स्तर पर सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। जेजेपी ने मांग की है कि गरीब छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई फीस को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि जरूरतमंद युवा बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। @newstodayhry #newstodayhry




