PUNJAB

तुरंत प्रभाव से तुड़ी के भंडारण पर रोक लगाई जाए: स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ।।

चंडीगढ़- (जरनैल सिंह घुमान ):-पंजाब गौशाला महासंघ ने पंजाब सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से तुड़ी/चारे के भंडारण पर रोक लगाई जाए तथा उचित व्यवस्था कर पशुओं को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
आज यहां मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष-गोसेवा मिशन, स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब में गाय, भैंस एवं अन्य पशुओं के लिए तुड़ी/चारे का अत्यंत गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ मिलों एवं फैक्ट्री संचालकों द्वारा बड़े स्तर पर तुड़ी/चारा स्टॉक कर लिया गया है, जिसके कारण बाजार में चारे की भारी कमी हो गई है। स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है। यदि सरकार ने तुरंत इस पर नियंत्रण नहीं किया, तो यह स्थिति हजारों पशुओं के जीवन के लिए खतरा बन सकती है।उन्होंने आगे कहा कि चारे के अभाव में होने वाली पशुओं की मृत्यु का नैतिक दायित्व संबंधित प्रशासन और सरकार पर होगा। अतः पंजाब सरकार से विनम्र निवेदन है कि तुरंत प्रभाव से चारे के भंडारण पर रोक लगाई जाए तथा उचित व्यवस्था कर पशुओं को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार द्वारा ‘गौ उपकर’ (काऊ सेस) के माध्यम से फंड जमा किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार पंजीकृत गौशालाओं को समय पर पर्याप्त सहायता न मिलने से चारे का संकट बना रहता है।गर्मी के इस दौर में गौवंश के लिए चारे की उपलब्धता बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिससे कई गौशालाएं आर्थिक और संसाधन संकट से जूझ रही हैं।पंजाब गौशाला महासंघ प्रशासन से लगातार यह मांग करता आ रहा है कि गोशालाओं को नियमित रूप से चारा और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए ताकि गोवंश को मरने से बचाया जा सके। चारे की भारी कमी के कारण गो-सेवक संस्थाएं निजी तौर पर भी चारे का प्रबंध करने में असमर्थ महसूस कर रही हैं।स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि तूड़ी की कमी के कारण इसके दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे डेयरी किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है।चारे के व्यापारियों द्वारा तूड़ी का स्टॉक (जमाखोरी) करने से भी आम पशुपालक को चारे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने आरोप लगाया कि पंजाब की कई गत्ते की फैक्ट्रियों , ईटों को भट्ठे वं कोयला बॉयलर ने किसानों से सीधे खेतों से बड़े पैमाने पर तुड़ी खरीदी है। इसके चलते गौशालाओं को तुड़ी नहीं मिल पा रही है, जबकि पहले उन्हें यह आसानी से मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि लाखों मवेशी भूख से मरने की कगार पर हैं।“हम पंजाब सरकार से अनुरोध करते हैं कि गत्ते की फैक्ट्रियों , ईटों को भट्ठे वं कोयला बॉयलर द्वारा तुड़ी की खरीद पर रोक लगाई जाए ताकि गौशालाओं को अपने मवेशियों के लिए तुड़ी मिल सके। हम गौ उपकर की राशि भी गौशालाओं को जारी करने की मांग करते हैं, जो पंजाब सरकार ने विभिन्न स्रोतों से करोड़ों में एकत्र की है, जिसमें सरकार का कोई योगदान नहीं है। गौ उपकर का उपयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा है। पंजाब की गौशालाओं और यहां तक कि सरकारी गौशालाओं की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। राज्य सरकार को गौशालाओं को गौ उपकर की धनराशि तुरंत जारी करनी चाहिए।“गत्ते की फैक्ट्रियों को बड़े पैमाने पर तुड़ी खरीदने की अनुमति देकर राज्य सरकार मवेशियों को भूख से मरने के लिए मजबूर करके उनके प्रति अमानवीय रवैया दिखा रही है। पंजाब के कल्याण और मवेशियों को बचाने के लिए सरकार को हमारी मांगों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।हम प्रदूषण बोर्ड से यह भी अनुरोध करते हैं कि वे उन कारखानों के खिलाफ कार्रवाई करें जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए तुड़ी जला रहे हैं, क्योंकि पशुओं के चारे को जलाना अवैध है।पंजाब सरकार द्वारा हमारी मांगों को पूरा न करने पर हमारे पास आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि हम राज्य सरकार को हमारी मांगों पर विचार करने के लिए दो दिन का समय दे रहे हैं, ऐसा न करने पर हम पंजाब के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के आवासों का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। यदि दो दिनों के भीतर राज्य सरकार द्वारा हमारी मांगों पर किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए हमें आमंत्रित नहीं किया जाता है, तो आने वाले शनिवार को पंजाब के गौसेवक और गौशाला मालिक शिव नंदी के साथ अपने-अपने जिलों में आवासों का घेराव करने के लिए मार्च पर निकल पड़ेंगे।। #Newstodayhryn @Newstodayhry

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