गुरु पूजा पर बोले स्वामी रमेश साहुवाला:-बाबा बालक नाथ का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा की मिसाल ll
गुरु पूजा पर बोले स्वामी रमेश साहुवाला:-बाबा बालक नाथ का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा की मिसाल

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-बाबा बालक नाथ जी को भगवान शिव का ही रूप माना जाता है एवं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के भक्त लोग इनका गुणगान करते हैं तथा उनकी भक्ति करते हैं जिससे उन्हें मनोवांछित फल मिलता हैं। ये शब्द बाबा बालक नाथ मन्दिर के संरक्षक भक्त सुरेश गुप्ता जी ने गुरू पूजा एवं व्यास पूजा के अवसर पर आई हुई संगत को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ जी की आराधना करने से वे बेरोजगारों को रोजगार देते है, निसंतान को संतान और बीमारों को स्वास्थ्य देते है। इसलिए लोग उन्हें संकट मोचक भी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ जी का जीवन हमें सिखाता हैं कि सच्ची भक्ति और तपस्या से भगवान का पाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग तनाव और परेशानियों से जूझ रहें हैं तब बाबा जी का संदेश है ईमानदारी से मेहनत करों और सब पर दया करों। उन्होंने कहा कि बाबा जी के जीवन से त्याग और तपस्या, उच्च विचार, गायों की सेवा, पशु-पक्षियों से प्रेम की शिक्षा मिलती हैं।
इस अवसर पर लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने कहा कि बाबा बालक नाथ जी का जन्म सतयुग में हुआ था तथा वो बचपन से ही तपस्वी थे और उन्होंने कभी सांसारिक मोह-माया को नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि बाबा जी को दूधाधारी, पौहारी बाबा और ज्योति स्वरूप के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर सुबह 4.30 पर देवस्नान, सुबह 6.30 बजे कन्या पूजन, सुबह 8 बजे झंडा रस्म व इसके बाद अटूट लंगर व भण्डारे का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर भक्तों ने गुरू सुरेश गुप्ता जी की पूजा की तथा स्वामी रमेश साहुवाला ने गुरू सुरेश गुप्ता जी को सम्मानित किया तथा उनसे आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात आरती की गई और आई हुई संगत को प्रसाद भी वितरित किया गया। @newstodayhry #newstodayhry




