भारत को हॉकी सितारे देने वाला संत नगर फिर सुर्खियों में।।
भारत को हॉकी सितारे देने वाला संत नगर फिर सुर्खियों में।।

रानियां/सिरसा-(अक्षित कम्बोज ):- भारतीय हॉकी को जब भी नई प्रतिभा मिलती है, सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र का छोटा-सा गांव संत नगर हर बार देश का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। दशकों से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार कर रहा यह गांव एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय हॉकी टीम में 24 वर्षीय मिडफील्डर राजेंद्र सिंह के हालिया चयन ने साबित कर दिया है कि संत नगर की मिट्टी आज भी देश को विश्वस्तरीय खिलाड़ी देने की अपनी गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही है। यही कारण है कि खेल जगत में संत नगर को हरियाणा की प्रमुख हॉकी नर्सरियों में शुमार किया जाता है। राजेंद्र सिंह अब इस गौरवशाली खेल परंपरा की नई कड़ी बन गए हैं। उनसे पहले इस गांव के लगभग एक दर्जन खिलाड़ी अलग-अलग समय पर भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि तीन खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इनमें पांच वर्षों तक भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी करने वाले ओलंपियन सरदार सिंह, ओलंपियन हरपाल सिंह तथा ओलंपियन दीदार सिंह सीनियर प्रमुख हैं। राजेंद्र सिंह का चयन इस बात का प्रमाण है कि संत नगर की हॉकी परंपरा आज भी
उतनी ही सशक्त है, जितनी सरदार सिंह के दौर में थी।
भारतीय संभावित टीम में चयनित राजेंद्र सिंह इन दिनों बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रहे हैं। खेल प्रेमियों की निगाहें अब विश्व कप के लिए घोषित होने वाली अंतिम भारतीय टीम पर टिकी हैं। उम्मीद है कि अंतिम चयन के बाद भारतीय दल नीदरलैंड में होने वाली विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेगा।
राजेंद्र सिंह का सफर संघर्ष,
अनुशासन और अटूट संकल्प की मिसाल है। उनके पिता सुखदेव सिंह गांव में पोस्टमास्टर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता अमनदीप कौर गृहिणी हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन कठिन परिस्थितियां उनके हौसलों को कभी रोक नहीं सकीं। उनके परिवार में एक भाई और एक बड़ी बहन हैं, जो वर्तमान में विदेश में रहते हैं।
राजेंद्र सिंह भारतीय जूनियर टीम
का भी हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में भोपाल में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता, वर्ष 2024 में मलेशिया में आयोजित जूनियर विश्व कप तथा वर्ष 2025 में जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हॉकी इंडिया लीग में हैदराबाद की तूफान टीम ने उन्हें लगभग 28 लाख रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी
मजबूत होने लगी।
संत नगर और आसपास के क्षेत्र में हॉकी की जो मजबूत परंपरा आज दिखाई देती है, उसके पीछे नामधारी समुदाय के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह का दूरदर्शी मार्गदर्शन, सतत प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के प्रति समर्पण को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की सहायता करने तथा बेहतर प्रशिक्षण का वातावरण उपलब्ध कराने में उनका योगदान वर्षों से प्रेरणास्त्रोत बना हुआ है। इसी सोच का परिणाम है कि नामधारी हॉकी अकादमी, जीवन नगर पिछले कई दशकों से लगातार देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दे रही है। आज भी यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे नियमित प्रशिक्षण लेकर अपने सपनों को नई उड़ान देने में जुटे हैं। क्षेत्र के खिलाड़ी और खेल प्रेमी मानते हैं कि सतगुरु उदय सिंह के संरक्षण और प्रेरणा ने इस क्षेत्र को भारतीय हॉकी का एक मजबूत केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजेंद्र सिंह ने हॉकी की शुरुआती बारीकियां नामधारी हॉकी अकादमी में सीखीं, जहां उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण कोच गुरमेज सिंह मौली से मिला। इसके बाद पिछले कुछ वर्षों से सरकारी कोच हरविंदर सिंह उनके
खेल को निखारने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कोच गुरमेज सिंह मौली बताते हैं कि राजेंद्र तीसरी कक्षा से ही नियमित रूप से अभ्यास के लिए मैदान पहुंचने लगे थे। सुबह लगभग दो घंटे और शाम तीन घंटे का कठिन अभ्यास उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। खेल और पढ़ाई के बीच उन्होंने हमेशा संतुलन बनाए रखा। भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी और पूर्व कप्तान ओलंपियन सरदार सिंह उनके आदर्श रहे, जिनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने सपनों को नई दिशा दी। राजेंद्र सिंह का अगला लक्ष्य वर्ष 2028 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। उनका चयन केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस खेल संस्कृति की जीत है जिसने दशकों से संत नगर को भारतीय हॉकी का पर्याय बना दिया है। तीन ओलंपियन और एक दर्जन से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की इस गौरवशाली विरासत में अब राजेंद्र सिंह का नाम भी जुड़ गया है। पूरे रानियां क्षेत्र को उम्मीद है कि राजेंद्र सिंह आने वाले वर्षों में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर संत नगर की गौरवशाली हॉकी परंपरा को नई।। #Newstodayhry @Newstodayhry




