भिवानी में बिजली कर्मियों का हल्लाबोल, 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल की चेतावनी ll
भिवानी में बिजली कर्मियों का हल्लाबोल, 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल की चेतावनी ll

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):-भिवानी में बिजली निगम के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सरकार की निजीकरण नीति, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था और प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन, इंजीनियर एसोसिएशन, एससी-बीसी वर्कर यूनियन, एचएसईबी वर्कर यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। हालांकि कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे जानबूझकर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं करेंगे, लेकिन किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में केवल अस्पताल जैसे आपातकालीन फीडरों को ही चालू रखा जाएगा।प्रदर्शन के दौरान ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य ऑडिटर एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव धर्मवीर सिंह भट्टी ने कहा कि सरकार द्वारा गुरुग्राम और नूंह में पैरेलल लाइसेंस देकर बिजली वितरण के निजीकरण की शुरुआत की जा रही है, जिसका कर्मचारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकारी बिजली ढांचे का इस्तेमाल निजी कंपनियों के लिए किया जा रहा है, जबकि यदि निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाते हैं तो उन्हें अपना अलग ढांचा तैयार करना चाहिए। धर्मवीर सिंह भट्टी ने एग्री डिस्कॉम के गठन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से ही घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग फीडर व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में नए कृषि वितरण निगम की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि यह कदम भविष्य में बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देगा और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बार-बार आश्वासन तो देती है, लेकिन अब तक किसी भी मांग को धरातल पर लागू नहीं किया गया। इंजीनियर एसोसिएशन के प्रतिनिधि संदीप दलाल ने बताया कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र को सरकार सब्सिडी देकर सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है और यह व्यवस्था मौजूदा डिस्कॉम के माध्यम से संचालित हो रही है। उनका कहना है कि नया एग्री डिस्कॉम बनाने के बजाय सरकार बिजली निगमों में कर्मचारियों की कमी पूरी करे, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी और इंजीनियर संगठन एकजुट होकर सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहे हैं।संदीप दलाल ने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर अमल नहीं किया तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले भी सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण और एग्री डिस्कॉम की योजना वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।फिलहाल बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर संगठनों का संयुक्त मोर्चा सरकार की नीतियों के विरोध में आर-पार की लड़ाई का संकेत दे चुका है। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और 11 अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल पर टिकी हुई है। @newstodayhry #newstodayhry



