CM नायब सैनी के लिए मंगाए गए घेवर पर बड़ा खुलासा ||
CM नायब सैनी के लिए मंगाए गए घेवर पर बड़ा खुलासा ||

पलवल-(निकुंज गर्ग):-पलवल जिले में खुली हुई मिष्ठान भंडार की की दुकानों पर बनने वाले घेवर के साथ दूसरी मिठाइयों पर ना तो मैन्युफैक्चर तिथि है और ना ही एक्सपायर तिथि लिखी हुई है जबकि खाद्य पदार्थों पर यह तिथि लिखी होना अनिवार्य है। उसके बाद भी इन मिठाइयों पर मक्खी मच्छर किस तरह से बैठे हुए हैं इस तरफ फुड सेफ्टी विभाग का कोई ध्यान नहीं है। फूड सेफ्टी विभाग द्वारा ना तो मिठाइयों पर मैन्युफैक्चर तिथि ओर एक्सपायर तिथि देखी जाती है और ना ही इनकी क्वालिटी देखी जाती है ना ही इनके सेंपल लिए जाते हैं।पलवल जिले में इस श्रावण मास में घेवर का बड़ा ही महत्व होता है लेकिन क्या आपको पता है कि इस घेवर की मैन्युफैक्चर तिथि ओर एक्सपायर तिथि क्या है यह बनने के बाद कितने दिनों तक इसको खा सकते हैं नहीं पता तो इंडिया न्यूज़ चैनल आपको बताएगा कि इसको कितने समय तक खाना उच्चित केवल दो घंटे तक लेकिन उसके बाद दुकानों पर इसको 5 से 6 दिनों तक रखा जात है। जिलें में जितने भी मिष्ठान को दुकानें है इन सभी पर जो मिठाइयां है उनके ऊपर कोई भी ना तो मैन्युफैक्चर तिथि ओर ना ही एक्सपायर तिथि लिखी होती है इतनी बात तो।दूर इस घेवर और इन मिठाइयों पर मक्खी मच्छर बैठे हुए हैं। मंगलवार को शाम को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी व उनकी पत्नी सुमन सैनी के होडल ब्रज क्षेत्र में आगमन पर डबचिक पर्यटन स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें खाने में परोसने वाले घेवर के डिब्बे के ऊपर ना तो मैन्युफैक्चर तिथि थी और ना ही एक्सपायर तिथि थी यह अंकित नहीं होने से हड़कंप मच गया था ।मुख्यमंत्री के खाने को चैक करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीम ने मिठाई विक्रेता से घेवर के बनने से प्रयोग के समय जानकारी मांगी तो जबाब सुनकर प्रशासन के होश उड़ गए ।बाद में जिला उपायुक्त ने मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी को घेवर पेश करने की अनुमति नहीं दी।
मुख्य मंत्री वृंदावन में पूजा अर्चना के लिए जाते समय हाइवे पर स्थित हरियाणा टूरिज्म के डबचिक पर्यटन स्थल रुके थे। जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री सैनी के स्वागत में स्थानीय नामी मिठाई विक्रेता से मैदा से बना घेवर मंगवा लिया। मुख्यमंत्री के खाने में प्रयोग घेवर को जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के दो डॉक्टरों की टीम पर्यटन स्थल पहुंची तो मिठाई के साथ बनाने के साथ प्रयोग की तिथि उनके डिब्बे पर नहीं मिली तो डॉक्टरों की टीम ने मिठाई विक्रेता से लिखित में घेवर के बनने से प्रयोग होने का जबाब मांगा। स्वास्थ्य विभाग पत्र पर मिठाई विक्रेता ने घेरव के निर्माण से दो घंटे तक प्रयोग करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिठाई विक्रेता की ओर से मिले जबाब प्रशासन में हड़कंप मच गया और उन्होंने मुख्यमंत्री के खाने में घेवर रखने की अनुमति नहीं।वहीं, जिला उपायुक्त डॉ जयेंद्र कुमार छिल्लर ने फूड एंड ड्रग्स नियंत्रक अधिकारी जिले की मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर मिठाई के डब्बे पर निर्माण व प्रयोग करने का समय लिखवाने के निर्देश जारी कर दिए।वहीं, क्षेत्र में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री से स्थानीय लोगों में रोष बना हुआ है। @newstodayhry #newstodayhry



