
सिरसा – ( निशा खन्ना ) सिरसा शहर में स्वच्छ भारत अभियान के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर नज़र आ रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों, कॉलोनियों और बाज़ारों में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन की अनदेखी और नियमित सफाई न होने के कारण यह गंदगी न केवल शहर की खूबसूरती पर धब्बा लगा रही है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर बीमारियों का कारण भी बन रही है।आवारा पशुओं का जमावड़ा, हादसों का खतरा गंदगी के इन ढेरों के कारण शहर में आवारा पशुओं की समस्या बेहद विकराल रूप ले चुकी हैl सड़े-गले कचरे और प्लास्टिक में खाना तलाशने के लिए दर्जनों गोवंश व अन्य आवारा पशु कूड़ेदानों और मुख्य मार्गों पर डटे रहते हैं। मुख्य सड़कों पर आवारा पशुओं के अचानक सामने आने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। वाहन चालकों को निकलने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। बाज़ारों में आपस में लड़ते आवारा पशुओं के कारण पैदल चलने वाले राहगीरों और दुकानदारों में हर समय हादसों का भय बना रहता है। सड़कों पर सड़ते कचरे से उठती असहनीय दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। बारिश और नमी के मौसम में इस गंदगी पर मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है, सफाई कर्मचारी हड़ताल पर है सरकार को इस मुद्दे पर कर्मचारियों से बात करनी चाइये @newstoday #newstodayhry




