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डाइट डिंग में TGT विज्ञान प्रशिक्षण, AI टूल्स और वर्चुअल लैब्स पर जोर ll

डाइट डिंग में TGT विज्ञान प्रशिक्षण, AI टूल्स और वर्चुअल लैब्स पर जोर ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-एससीईआरटी हरियाणा के आदेशों की अनुपालना में जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), डिंग, सिरसा के प्राचार्य सुभाष फुटेला के निर्देशन तथा डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया, आईएफआईसी विंग के सह प्रभारी डॉ. राजेश खुराना एवं टीजीटी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक संदीप की देखरेख में डाइट डिंग में चल रहे टीजीटी विज्ञान के द्वितीय बैच हेतु आयोजित पांच दिवसीय सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न संसाधन व्यक्तियों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। डाइट प्रवक्ता डॉ. विनोद भट्टू ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत प्रात:कालीन सभा एवं प्रतिभागियों से प्रतिक्रिया सत्र से हुई। डाइट विषय विशेषज्ञ सतपाल सिंह एवं डॉ. राजेश खुराना ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए पिछले दिन की गतिविधियों एवं प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों पर फीडबैक लिया। प्रात:कालीन सत्र में संसाधन व्यक्ति अजयपाल सिंह एवम् अर्जुन सिंह ने सामूहिक तौर पर ‘ई-कंटेंट एवं एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग’ विषय पर सत्र लेते हुए शिक्षकों को बताया कि ई-कंटेंट और एआई टूल्स की मदद से शिक्षण को अधिक रोचक और सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार वीडियो, एनिमेशन, क्विज और एआई आधारित लेसन प्लान से समय की बचत होती है और विद्यार्थियों की समझ बढ़ती है। उन्होंने बताया कि तकनीक को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। इसके पश्चात संसाधन व्यक्ति अजयपाल सिंह ने ‘रसायन विज्ञान का गतिविधि-आधारित अधिगम’ विषय पर सत्र लिया। अजयपाल सिंह ने गतिविधियों के माध्यम से रसायन विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गतिविधि-आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की विषय के प्रति रुचि बढ़ती है तथा वे अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ और लंबे समय तक याद रख पाते हैं। भोजनावकाश के पश्चात ‘विज्ञान में वर्चुअल लैब्स’ विषय पर डाइट विषय विशेषज्ञ सतपाल सिंह द्वारा सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, उपयोगिता तथा विज्ञान शिक्षण में इसके प्रभावी प्रयोग के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों को डिजिटल माध्यमों से विज्ञान के प्रयोगों एवं अवधारणाओं को समझाने तथा विद्यार्थियों के लिए सीखने को अधिक व्यावहारिक एवं आकर्षक बनाने के तरीकों से अवगत करवाया गया। अंतिम सत्र में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, गतिविधियों एवं अपने अनुभवों को प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा किया। इस गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी समझ को अभिव्यक्त करने तथा एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला।टीजीटी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन की गतिविधियों में गतिविधि-आधारित अधिगम, अंतर्विषयक विज्ञान, प्रभावी पाठ योजना निर्माण तथा वर्चुअल लैब्स के प्रयोग पर विशेष जोर रहा। दिनभर चले सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विज्ञान शिक्षण में नवीन एवं तकनीक-सक्षम शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। @newstodayhry #newstodayhry

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