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डबवाली में ‘साइबर राहगिरी’ से खुला ठगी का खेल, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा ll

डबवाली में ‘साइबर राहगिरी’ से खुला ठगी का खेल, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा ll

डबवाली-(पंकज गोदारा):-साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को डिजिटल रूप से जागरूक एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से डबवाली पुलिस द्वारा आज ‘साइबर राहगिरी’ कार्यक्रम के तहत पूरे डबवाली क्षेत्र में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया । पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर आमजन से संवाद करते हुए साइबर ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी दी और लोगों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया ।प्रभारी साइबर अपराध शाखा/ पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनन्द कुमार ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। इसी उद्देश्य से साइबर राहगिरी के माध्यम से लोगों को सरल भाषा में साइबर सुरक्षा के जरूरी नियम बताए गए।
फर्जी कॉल और संदेशों से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आमजन को बताया गया कि साइबर ठग बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी विभाग, रिश्तेदार, कूरियर कंपनी, बिजली विभाग या अन्य संस्थाओं का कर्मचारी बनकर फोन कर सकते हैं । किसी भी व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।
पुलिस टीमों ने लोगों को विशेष रूप से समझाया कि यदि कोई व्यक्ति डराकर, लालच देकर या जल्दबाजी का दबाव बनाकर ऑनलाइन भुगतान करवाने का प्रयास करता है तो पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि करें।
अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
पुलिस टीमों ने साइबर जागरूकता संदेश देते हुए कहा कि मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट, फर्जी ई-चालान, नौकरी, इनाम, कैशबैक या केवाईसी अपडेट से संबंधित लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचें।
लोगों को यह भी बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें । इससे साइबर अपराधी मोबाइल और निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी
साइबर राहगिरी के दौरान युवाओं एवं आमजन को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया । पुलिस ने सलाह दी कि सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेशों पर बिना जांच भरोसा न करें।
किसी व्यक्ति की फोटो, वीडियो या निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करने, फर्जी प्रोफाइल बनाने अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान करने की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए भी जागरूक किया गया।
डिजिटल भुगतान करते समय विशेष सावधानी
पुलिस ने आमजन को समझाया कि UPI PIN केवल भुगतान करने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें और न ही किसी अनजान लिंक के माध्यम से भुगतान करें। बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन दिखाई देने पर तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।
पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करवाएं तथा संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचना दें । समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर सुरक्षित डबवाली के लिए जन भागीदारी जरूरी
डबवाली पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। साइबर राहगिरी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि साइबर सुरक्षा का संदेश घर-घर और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।
डबवाली पुलिस का संदेश है—“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
अनजान कॉल पर विश्वास न करें, संदिग्ध लिंक न खोलें और अपनी निजी जानकारी किसी से साझा न करें।
जागरूक नागरिक ही साइबर सुरक्षित समाज की मजबूत नींव है।”

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