यूपीआई पर एमडीआर शुल्क को तुरंत वापस ले सरकार ll
यूपीआई पर एमडीआर शुल्क को तुरंत वापस ले सरकार ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) यूपीआई के माध्यम से होने वाले कुछ बड़े व्यापारी लेन-देन पर 15 अक्टूबर 2026 से सरकार द्वारा एमडीआर शुल्क लागू किए जाने को लेकर व्यापारियों में चिंता है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल युवा इकाई सिरसा के प्रधान हेमंत गुप्ता ने कहा कि इस शुल्क का विरोध करते हुए सरकार से मांग की कि व्यापारियों पर डिजिटल भुगतान का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न डाला जाए और इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार 15 अक्टूबर से 2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा, जबकि 75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम 300 प्रति लेन-देन तक सीमित रहेगा। जबकि पर्सन-टू-पर्सन (पी 2 पी) लेन-देन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल शहरी इकाई के कोषाध्यक्ष भीम सिंगला ने कहा कि व्यापारी पहले से ही जीएसटी, आयकर तथा अन्य व्यावसायिक खर्चों का वहन कर रहा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर अतिरिक्त एमडीआर व्यापारी के खर्च को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए प्रत्येक अतिरिक्त शुल्क महत्वपूर्ण होता है। युवा प्रधान हेमन्त गुप्ता ने कहा कि यूपीआई को देश में डिजिटल और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अपनाया गया है। ऐसे में व्यापारियों से यूपीआई स्वीकार करने पर शुल्क लेने के निर्णय पर सरकार को व्यापारियों की स्थिति और जमीनी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करना चाहिए। युवा व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाले इस एमडीआर शुल्क को वापस लेने अथवा व्यापारियों को इससे राहत देने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठाए। महासचिव हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल सिरसा सुरेश गोयल ने कहा कि व्यापारी सरकार के साथ है, लेकिन व्यापारी पर लगातार बढ़ते खर्च का बोझ भी सरकार को समझना होगा। व्यापारियों को सुविधा और राहत दी जानी चाहिए, न कि डिजिटल भुगतान करने पर नया खर्च। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल युवा इकाई सिरसा ने सरकार से व्यापारियों के हित में इस मुद्दे पर शीघ्र पुनर्विचार करने की मांग की है। @newstodayhry #newstodayhry




