टूटते परिवारों को फिर जोड़ा! हिसार पुलिस की काउंसलिंग से महिलाओं-बच्चों को मिला सहारा
टूटते परिवारों को फिर जोड़ा! हिसार पुलिस की काउंसलिंग से महिलाओं-बच्चों को मिला सहारा
हिसार :- (अमित कुमार) हिसार पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों एवं जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। पुलिस अधीक्षक हिसार श्री सिद्धान्त जैन, आईपीएस के दिशा-निर्देशन में महिला संरक्षण अधिकारी बबीता द्वारा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए काउंसलिंग और आपसी समन्वय के माध्यम से अनेक परिवारों को राहत पहुंचाई जा रही है।इसी कड़ी में दिनांक 02 अक्टूबर 2026 को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी हिसार के सहयोग से जिले के सभी ब्लॉकों में ग्राम स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में 202 गांवों द्वारा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त गांव घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए।काउंसलिंग के माध्यम से परिवारों को मिला सहारा महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए महिला संरक्षण अधिकारी द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से कई मामलों का समाधान करवाने के प्रयास किए गए।- एक मामले में पति-पत्नी के बीच आर्थिक सहायता को लेकर विवाद था। काउंसलिंग के दौरान पति द्वारा पत्नी एवं बच्चों के पालन-पोषण के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह, बच्चों की स्कूल फीस तथा आवश्यकतानुसार दवाइयों का खर्च देने की सहमति दी गई।- एक अन्य मामले में पति द्वारा तीन महीने की बच्ची को मां से अलग कर दिया गया था। काउंसलिंग के माध्यम से बच्ची को उसकी मां के पास वापस दिलवाया गया।- एक युवती से संबंधित मामले में काउंसलिंग के दौरान उसके परिजनों को उसकी शिक्षा एवं रहने की व्यवस्था करने के लिए समझाया गया। इसके बाद युवती के लिए पीजी में रहने, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक खर्च की व्यवस्था करवाई गई तथा उसे जरूरी किताबें और सामान भी उपलब्ध करवाया गया।- घरेलू हिंसा से संबंधित 5 शिकायतों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर आपसी सहमति से परिवार बसाने का प्रयास किया गया। संबंधित पक्षों को घरेलू खर्च देने, मारपीट नहीं करने और भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत का अवसर नहीं देने के लिए समझाया गया।- घरेलू हिंसा से संबंधित 3 शिकायतों में पीड़ित महिलाओं को सरकारी वकील उपलब्ध करवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हिसार को पत्र लिखा गया। 2 शिकायतें आगामी कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को भेजी गईं तथा 11 शिकायतों में आगे की कार्रवाई न्यायालय के माध्यम से की जाएगी। एक मामले में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से पंचायत स्तर पर तलाक का फैसला हुआ।बेसहारा बुजुर्ग महिला को परिवार में दिलाया सम्मानपूर्वक आश्रय हिसार पुलिस की मानवीय पहल का एक अन्य उदाहरण गांव मंगाली की एक बुजुर्ग महिला से जुड़ा है। बुजुर्ग महिला को उसके बेटों द्वारा घर से बाहर कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में महिला को वन स्टॉप सेंटर में ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई थी। महिला की शिकायत महिला संरक्षण अधिकारी तक पहुंचने पर मामले में तत्परता से संज्ञान लिया गया।महिला संरक्षण अधिकारी ने पंचायत से संपर्क कर आपसी समन्वय स्थापित किया। इसके बाद बुजुर्ग महिला को उसके बेटों के घर में ही एक अलग कमरा दिलवाकर रहने की व्यवस्था करवाई गई, ताकि वह सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर सके।हिसार पुलिस का संदेश पुलिस का उद्देश्य केवल शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उनका अधिकार, सुरक्षा और सम्मान दिलाना भी है। पारिवारिक विवादों में जहां संभव हो, काउंसलिंग एवं आपसी सहमति से समाधान करवाया जाता है, जबकि आवश्यक मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।हिसार पुलिस आमजन से अपील करती है कि महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के अधिकारों का सम्मान करें। किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। उनकी समस्या पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उन्हें उचित सहायता और संरक्षण प्रदान किया जा सके।महिलाओं का सम्मान, बच्चों की सुरक्षा और बुजुर्गों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है : एसपी सिद्धान्त जैन।




