
सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) प्रभु रामलाल नर नारायण सेवा योग ट्रस्ट हुडा सेक्टर भवन-20, पार्ट-3 में योग गुरु रघुबीर महाराज ने मासांत सत्संग में फरमाया कि सत्संग करो, कुसंग कभी मत करो। योग योगेश्वर देवीदयाल महाराज फरमाते थे कि सत्संग की महिमा अपरम्पार है। जो मनुष्य नर-नारी सत्संग करेगा, उसके अंदर के विकार काम-क्रोध, लोभ, मोह अंहकार आदि दूर हो जाएंगे। उस साधक का मन निर्मल हो जाएगा। धीरे-धीरे निरंतर अभ्यास से वह ब्रह्म को प्राप्त कर लेगा। उन्होंने कहा कि संगत मिले तो तरिय, वह संगत के बल पर भवसागर पार हो जाएगा। वह खुद भी तर जाएगा और उसका संग करने वालों को भी तार देगा। वे फरमाते थे कि कुसंग कभी मत करो, कुसंग मनुष्य जीवन को बर्बाद कर देती है। यह जन्म चौरासी लाख यौनियोंं में सबसे उत्तम है। रघुबीर महाराज ने आगे फरमाया कि योगेश्वर मुलखराज महाराज फरमाते थे कि कुसंग का संग ना देवी विधाता, इससे अच्छा नर्क का वासा। हमें नर्क दे देना, कुसंग कभी मत देना। सतगुरु की महिमा तो पारस से भी अधिक है। पारस अन्य धातुओं को छू कर सोना तो बना सकता है, पर उन्हें अपने जैसा नहीं बना सकता। उन्हें पारस नहीं बना सकता। सतगुरु का संग मनुष्य को, साधक को, जिज्ञासु को अपने जैसा ही बना देता है। सतगुरु का संग बड़भागी पाए, जिनको उनका संग मिलता है, वे ब्रह्मपद को, मुक्तिपद को पाते हैं। इस मौके पर पृथ्वी सिंह बैनीवाल, यश योगाचार्य, अरूण, अमित नरूला, विजय, विनोद, अयान, राज चावला, अंकिता, फूलरानी, मिनाक्षी शर्मा, विनोद, सलोचना, सरला, सुमन आदि उपस्थित थे। @newstodayhry #newstodayhry




