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बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा ll

बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) बुजुर्गों के चरणों में ही जन्नत होती है, उनकी दुआओं में ही बरकत होती है इसलिए हमें बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए, उनकी सेवा करनी चाहिए तथा उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि वो हमारे जीवन का ज्ञान होते है और उनका अनुभव हमारी सबसे बड़ी पूंजी होती है। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय कोर्ट कालोनी में अंतराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान होता है, उस घर में भगवान वास करते है तथा बुजुर्ग हमारे परिवार की जड़ है, हमारे अनुभवों का खजाना हैं। श्री साहुवाला ने कहा कि इस दिवस की शुरूआत संयुक्त राष्ट्र संघ ने 14 दिसम्बर 1990 को की थी और 1 अक्तूबर 1991 को यह दिवस पूरे विश्व में पहली बार मनाया गया जिसका उद्देश्य दुनिया को बढ़ती हुई वृ़द्ध आबादी की समस्याओं के बारे में जागरूक करना और बुजुर्गों के प्रति भेदभाव को खत्म करना था। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों ने देश, समाज और परिवार के लिए जो योगदान दिया है उसके लिए उन्हें आदर देना होगा, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा, उनको पैंशन समय पर देनी होगी, उनके साथ दुव्यवहार नहीं होना चाहिए, उनकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए क्योंकि वे हमारे भगवान से भी उपर है। उन्होंने कहा कि हम युवा लोगो को यह समझना होगा कि आज हम जवान है, कल हम भी बुजुर्ग होंगे और जैसा व्यवहार हम अपने बुजुर्गों के साथ करेंगे, वैसा ही व्यवहार हमारे बच्चे हमारे साथ करेंगे। उन्होंने कहा आज दुनिया में 100 करोड़ से ज्यादा बुजुर्ग है तथा 2050 तक यह संख्यां 200 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी जबकि भारत में भी 2026 में 15 करोड़ से ज्यादा लोग बुजुर्ग है। इसलिए बुजुर्गों को सबसे ज्यादा जरूरत प्यार, समय और दो मिठ्ठे बोल की होती है जो आज की भाग-दौड़ भी जिंदगी में हम उनको नहीं दे पा रहें है तो आओ आज हम सभी संकल्प लेते है कि हम सभी अपने बुजुर्गों का ख्याल रखेंगे। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्यों ने केक काटकर वृद्धजन दिवस मनाया जिसमें मिस्ठी, प्रणव, नीलम, पारूल, रीना, अमर, रीतुन, संदीप, विजय, पवन, अंकुश, भावना, नगीता एवं अन्य शामिल है। @newstodayhry #newstodayhry

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