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परिवार के भीतर चल रहा मिट्टी उठान के ठेके का विवाद खूनी खेल में बदल गया ।।

परिवार के भीतर चल रहा मिट्टी उठान के ठेके का विवाद खूनी खेल में बदल गया ।।

अंबाला – (राहुल जाखड़) :- अंबाला बिचपड़ी गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहाँ मिट्टी उठान के ठेके के विवाद में एक पोते ने अपनी ही दादी, चाचा और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि चाची जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। पुलिस ने मृतक संदीप की पत्नी नेहा के बयानों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अंबाला स्थित शहजादपुर के गांव बिचपड़ी में तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। परिवार के भीतर चल रहा मिट्टी उठान के ठेके का विवाद खूनी खेल में बदल गया। जानकारी के मुताबिक, गाँव में दो किला जमीन से मिट्टी निकालने का ठेका चल रहा था, जिसे लेकर परिवार में हिस्सेदारी की लड़ाई चल रही थी। जब बात फिर से बहस में तब्दील हुई, तो 22 वर्षीय अभिषेक तैश में आ गया। उसने अपने पास मौजूद पिस्तौल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने सबसे पहले अपने बड़े भाई संदीप फिर चाचा महिंद्र और फिर चाची सुनीता और उसके बाद दादी के घर जाकर दादी इसरो देवी को निशाना बनाया, दादी की तो मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद भाई संदीप फिर चाचा महिंद्र ने दम तोड़ दिया। जबकि चाची सुनीता पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने मृतक संदीप की पत्नी नेहा के ब्यानों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार के चिराग बुझा दिए हैं। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।पुलिस को मौके से 8 राउंड और 3 जिंदा राउंड और एक मैगजीन मिली है। हत्या को अंजाम देने के बाद अभिषेक बहुत ही आराम से गांव से फरार हो गया। परिजनों ने कैमरे के सामने नही लेकिन ऑफ कैमरा जानकारी देते हुए बताया कि झगड़ा इतना बड़ा नही था हिस्से की डिमांड बड़े भाई ने की थी और अभिषेक शांत स्वभाव का था वो हथियार कहाँ से लाया और उसने क्यों इस घटना को अंजाम क्यों दिया इसका किसी को समझ नही आया। पिता ने परिवार को आश्वासन दिया था कि तीन हिस्सों में मिट्टी उठान के 1 लाख 35 हजार रुपयों को बांट देंगे जबकि अभी सिर्फ उनके पास 50 हजार रुपए ही आए थे।।

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