जनसंख्या संतुलन और जागरूकता का संदेश, बप्पा स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित ll
जनसंख्या संतुलन और जागरूकता का संदेश, बप्पा स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित ll

बप्पा/सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बप्पा में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस प्रतिवर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पहल पर वर्ष 1989 में हुई थी तथा इसका उद्देश्य जनसंख्या से जुड़े मुद्दों, सतत विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और संसाधनों के संतुलित उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 2026 की थीम “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए” इस थीम का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, समान अवसर और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने जीवन और परिवार से जुड़े निर्णय स्वतंत्र एवं जिम्मेदारीपूर्वक ले सकें।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री नरेश कुमार ग्रोवर (पीजीटी अंग्रेज़ी) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव केवल संसाधनों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि जनसंख्या संतुलन का अर्थ केवल जनसंख्या को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, पोषण और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे छोटे परिवार, जागरूक नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को अपने परिवार तथा समाज तक पहुँचाएँ और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान दें।
विद्यालय के प्राचार्य श्री मनीष कुमार मेहता ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस हमें यह सोचने का अवसर देता है कि सीमित संसाधनों का संतुलित उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को जीवन का आधार बनाने, समाज में जागरूकता फैलाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूक युवा ही विकसित और समृद्ध भारत की मजबूत नींव हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने शपथ ली कि वे जनसंख्या संतुलन, स्वस्थ परिवार, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता के संदेश को अपने जीवन में अपनाएँगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान दिया।




