गुरु ही जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले सच्चे मार्गदर्शक : सोनू ग्रोवर।।
गुरु ही जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले सच्चे मार्गदर्शक : सोनू ग्रोवर।।

रानियां-(अक्षित कम्बोज ):- रानियां. हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल प्रधान रानियां सोनू ग्रोवर ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु केवल शिक्षक नहीं बल्कि संस्कार उत्कृष्ट चरित्र और व्यवहारिक ज्ञान को धरातल पर उतरने वाले मार्गदर्शक होते हैं वह इस तरह से उसके ज्ञान जीवन दृष्टि और मूल्यों के प्रजापति है, जिससेसामाजिक और व्यक्तिगत जीवन का निर्माण होता है। गुरु की उपादेयता और प्रभाव शिष्य की ग्रहणशीलता एवं उसकी धारिता पर निर्भर करता है। शिष्य के लिए अति आवश्यक है कि वह अपने गुरु के प्रति आभार व्यक्त करें, बलिक विवेक पूर्ण और संकल्पित कृतज्ञता दिखाएं। गुरु के आदर्श सिद्धांतों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर उन्हें स्थाई प्रत्यय बनाना शिष्य का नैतिक दायित्व एवं नैतिक आभार माना जाता है। गुरु पूर्णिमा वह पर्व है जब शिष्य अपने जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। गुरु अपने ज्ञान से शिष्य के जीवन से अज्ञानता, आज्ञन का पीड़ा , एकाकी का और गलत व्यवहार का निवारण करते हैं। गुरु वह है जो शिष्य को सकारात्मक मार्ग दिखाता है। और उसके करियर को विद्या से प्रकाशित करता है । गुरु की उपस्थिति से शिष्य में एकाग्रता और उत्साह आता है और वह लक्ष्य की ओर निश्चित भाव से अग्रसर होता है। वास्तव में गुरु शिष्य को केवल शिक्षा नहीं देते, बलिक उसके भीतर छिपे दिव्यता वह जागृत कर जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझते हैं। गुरु से प्राप्त संस्कार ही व्यक्ति को आत्मविश्वास धैर्य, संयम और लोकमंगल की भावना से परिपूर्ण करते हैं। इस संसार में जब भी हम कोई विषय सीखना चाहते हैं। तो हम ऐसे इंसान के पास जाते हैं जो उसमें निपुण हो और हमें भी वह विषय पढ़ा सकता हो।। #Newstodayhry @Newstodayhry




