Haryana
Trending

गुरु पूर्णिमा पर स्वामी रमेश साहुवाला का प्रेरणादायी संदेश ll

गुरु पूर्णिमा पर स्वामी रमेश साहुवाला का प्रेरणादायी संदेश ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने गुरू पूर्णिमा की सिरसा वासियों को बधाई देते हुए कहा हैं कि गुरू तो मनुष्य और ईश्वर को मिलाने वाला सेतू हैं जो परमात्मा का साक्षात करवाकर जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति प्रदान करता हैं और हमारे जीवन को आनंदित करता हैं। उन्होंने कहा कि गुरू की उपाधि परमात्मा से भी उपर हैं और जब मनुष्य के हृदय में परमात्मा के पाने की इच्छा पैदा होती हैं तब वह गुरू की शरण में चला जाता हैं तब गुरू उसे सही मार्ग पर ले जाकर लक्ष्य तक पहुंचा देता हैं। #newstodayhry @newstodayhry

श्री साहुवाला जी ने कहा कि गुरू की कृपा से हम मूल की पहचान कर सकते हैं और हमारे मन में कोई शंका होती हैं तो उसका निवारण भी गुरू के द्वारा ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि गुरू भव लोगो की संजीवनी बूटी के समान हैं और वह प्रेम हैं तथा सुगन्ध का झोंका हैं और ईश्वर का प्रतिबिम्ब हैं तथा हमारे जीवन का लक्ष्य हैं और जीवन का सर्वस्व हैं इसलिए हमें गुरू के चरणों में जाना अत्यन्त आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब आपके जीवन मंे गुरू आता हैं तब किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती और आप छोटी-छोटी बातों की शिकायतें भी नहीं करते तथा ऐसी ताकत और शिखरता मिलती हैं कि जो भी आप सोचते हो वह आपको मिलता चला जाता हैं। #newstodayhry @newstodayhry उन्होंने कहा कि जब सारी दुनिया आपको कमजोर करने पर तुली हो तब उस समय हिम्मत मत हारो और गुरू की शरण में जाकर अपनी काबिलियत को इतना बढ़ाओं कि लोग दांतों तले उंगली दबाते रह जाएं। उन्होंने कहा कि सद्गुरू से मोहब्बत कोई बारिश का नाम नहीं जो बरसे और थम जाएं, उससे मोहब्बत सूरज भी नहीं जो चमके और डूब जाए बल्कि सद्गुरू से मोहब्बत तो नाम हैं सांस का, जो चले तो जिन्दगी और रूके तो मौत बन जाए इसलिए खुद पर हमेशा विश्वास रखें और अपने गुरू पर आस्था रखे फिर चाहे कितनी भी जीवन में बाधा आ जाए अपने आप गुरू रास्ता दिखा देता हैं इस अवसर पर श्री साहुवाला जी ने कहा कि गुरू के पास बैठकर ही पवित्रता का बोध हो सकता हैं तथा गुरू ही हमें जीवन के वास्तविक स्वरूप की पहचान करवाते हैं और उसी के माध्यम से हम परमात्मा के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिष्य अपने जीवन में पूर्णता तभी पा सकता हैं जब वह गुरू के ऋण से उऋण होता हैं। उन्होंने कहा कि गुरू ही हमारे भीतर अज्ञान व अहंकार दूर करके हमें प्रचार की और ले जाता हैं। #newstodayhry @ newstodayhry उन्होंने कहा कि गुरू पूर्णिमा का यह पावन पर्व हमारे जीवन में गुरुओं के महत्व को दर्शाता हैं। गुरू, जो हमें ज्ञान की रोशनी दिखाते हैं और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, उनके बिना हमारा जीवन अधूरा हैं। आइए इस पवित्र दिन पर हम अपने गुरूओं को नमन करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। इसलिए कहा गया हैं कि गुरू बिना ज्ञान नहीं, ज्ञान बिना मुक्ति नहीं।

Related Articles

Back to top button