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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 के लिए 151 शिक्षकों का जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम :-डीईओ सुभाष कुमार ll

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 के लिए 151 शिक्षकों का जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम :-डीईओ सुभाष कुमार ll

 सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) 2026-27 के उद्देश्यों, वार्षिक थीम, परियोजना पद्धति तथा आॅनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया से शिक्षकों को अवगत कराने के लिए 7 अगस्त 2026 को एक जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिरसा जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों से 151 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), सिरसा द्वारा किया गया, तथा इस अवसर पर कृष्ण कुमार, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी), डा. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ (डीएसएस), अमित देवगुण (एपीसी) तथा परमजीत कौर, प्राचार्या, जीजीएसएसएस मेला ग्राउंड, सिरसा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने उद्घाटन संबोधन में सुभाष कुमार, डीईओ सिरसा ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को सरकार की एक प्रमुख पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और शोध क्षमता का विकास करना है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर शोध आधारित परियोजनाओं के माध्यम से उनके वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें। कृष्ण कुमार, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी), सिरसा ने विज्ञान शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनसीएससी विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। डॉ मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ (डीएसएस), सिरसा ने पूर्व बाल वैज्ञानिक के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एनसीएससी में भागीदारी ने उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने एनसीएससी को प्रत्येक उभरते युवा वैज्ञानिक के लिए जीवनभर का अवसर बताया। तकनीकी सत्रों की शुरूआत अतुल कुमार जिला समन्वयक ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए की तथा एनसीएससी के उद्देश्यों का संक्षिप्त परिचय देते हुए आॅनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी। डा. नवनीत चांडक अकादमिक कॉर्डिनेटर ने एनसीएससी 2026-27 की थीम एवं उप-थीम पर प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन किया और शिक्षकों को स्थानीय रूप से प्रासंगिक शोध समस्याओं के चयन तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर परियोजना कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया। द्वितीय एवं मुख्य संसाधन व्यक्ति चंद्र प्रकाश प्रवक्ता डाइट डिंग ने अपने समृद्ध अनुभव सांझा करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली परियोजनाओं के मार्गदर्शन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शोध परियोजना विकसित करने की संपूर्ण प्रक्रिया, क्षेत्रीय अनुसंधान एवं दस्तावेजीकरण के दौरान आने वाली चुनौतियों तथा सफल एनसीएससी परियोजनाओं की तैयारी हेतु व्यावहारिक रणनीतियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने परियोजना चयन, शोध पद्धति, दस्तावेजीकरण एवं पंजीकरण से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने संसाधन व्यक्तियों द्वारा दिए गए व्यावहारिक मार्गदर्शन की सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम जिले में एनसीएससी 2026-27 में गुणवत्तापूर्ण भागीदारी को और सशक्त बनाएगा। @Newstodayhry #newstodayhry

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