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सिरसा पुलिस का नारी सुरक्षा संकल्प अभियान तेज, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस ll

सिरसा पुलिस का नारी सुरक्षा संकल्प अभियान तेज, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिरसा पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित माहौल देना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है । नारी सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत पुलिस का प्रयास है कि सुरक्षा और जागरूकता का संदेश जिले के हर घर, गांव, गली और मोहल्ले तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता है और इसके लिए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी अन्य विभागों तथा सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं । एसपी दीपक सहारन ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति पैदा ही न होने देना है । महिलाओं और छात्राओं को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। किसी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या परेशानी सामने आने पर चुप रहने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर सकती है और किसी बड़ी घटना को होने से रोका जा सकता है । पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए है कि अपने-अपने थानाधिकार क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों को जागरुक कर समाज को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएं । सुरक्षित माहौल से आगे बढ़ेगा समाज – उन्होंने कहा कि नारी सशक्त होगी तो समाज और राष्ट्र भी मजबूत होगा । आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, खेल, व्यवसाय और नेतृत्व सहित प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध करवाना समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है । हर बेटी, बहन और महिला बिना डर के घर, स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर आ-जा सके, यही अभियान का मुख्य उद्देश्य है । महिलाओं के साथ भेदभाव, हिंसा और असुरक्षा को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। महिला सहायता के लिए पुलिस की विशेष व्यवस्था – एसपी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1091,1098 जारी किए गए है,इसके ईलावा महिला हेल्प डेस्क और थानों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। किसी महिला को किसी प्रकार की समस्या होने पर पुलिस से संपर्क करने में झिझकने की जरूरत नहीं है। पुलिस उसकी शिकायत को गंभीरता से लेकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी जरूरी – बच्चों की सुरक्षा पर जोर देते हुए एसपी ने कहा कि माता-पिता और शिक्षक बच्चों के साथ दोस्ताना माहौल में बातचीत करें। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सरल भाषा में गुड टच और बैड टच की जानकारी देना जरूरी है। उन्हें यह भरोसा भी दिलाया जाना चाहिए कि किसी परेशानी की स्थिति में वे बिना डर के माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी बात बता सकते हैं। आत्मरक्षा से बढ़ेगा आत्मविश्वास – छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी पुलिस की ओर से जोर दिया जा रहा है। कराटे, सेल्फ डिफेंस और बेसिक सेफ्टी टिप्स के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है। एसपी ने कहा कि सुरक्षा केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। जागरूकता, सतर्कता और आत्मविश्वास भी सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। चुप्पी तोड़ें, जरूरतमंद की मदद करें – एसपी ने कहा कि यदि किसी महिला या बच्चे के साथ गलत हो रहा है तो आसपास के लोगों को तमाशबीन बनने के बजाय मदद के लिए आगे आना चाहिए। मोहल्ला कमेटियां, स्कूल-कॉलेज, स्वयंसेवी संस्थाएं और सामाजिक संगठन मिलकर सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। परिवार में महिलाओं और बच्चों से नियमित बातचीत होने पर वे अपनी परेशानी भी आसानी से साझा कर सकेंगे ।
परिवार और समाज की भूमिका अहम – उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत महिला अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक रहती है। इसी प्रकार बच्चों में आत्मविश्वास, समझदारी और सही-गलत की पहचान विकसित करना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों के साथ-साथ उनकी भावनाओं और परेशानियों को भी समझना चाहिए। सुरक्षित समाज के लिए सभी निभाएं जिम्मेदारी – पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने महिलाओं और छात्राओं से अपील की कि किसी भी घटना को छिपाएं नहीं और समय रहते पुलिस प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल कानून और पुलिस व्यवस्था से पूरी नहीं होगी। जब परिवार, समाज, प्रशासन और पुलिस मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी वास्तविक बदलाव आएगा। नारी सुरक्षा संकल्प अभियान का संदेश स्पष्ट है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। @newstodayhry #newstodayhry

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