एसपी सिद्धांत जैन के नेतृत्व में हिसार पुलिस की अपराधियों पर कड़ी चोट ll
एसपी सिद्धांत जैन के नेतृत्व में हिसार पुलिस की अपराधियों पर कड़ी चोट ll

हिसार-(अमित कुमार):-पुलिस अधीक्षक हिसार श्री सिद्धांत जैन, IPS के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हिसार पुलिस द्वारा जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने तथा अपराध एवं नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त एवं योजनाबद्ध कार्रवाई की जा रही है।जनवरी से सितंबर 2025 तथा जनवरी से सितंबर 2026 की अवधि के पुलिस आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण से स्पष्ट है कि हिसार पुलिस ने नशा तस्करों, अवैध शराब कारोबारियों, जुआ-सट्टा संचालकों तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया है। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन ने कहा कि हिसार पुलिस का उद्देश्य केवल मुकदमे दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क पर प्रहार करना है। विशेष रूप से नशा तस्करी में शामिल आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क, संपत्ति और अवैध कमाई के स्रोतों पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।एनडीपीएस मामलों में 121% की बढ़ोतरी-वर्ष 2025 में 90 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2026 में इसी अवधि में 181 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 121% की वृद्धि है। इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 206 से बढ़कर 314 हो गई है, जो 49% की वृद्धि है।
नशा तस्करों की संपत्ति अटैचमेंट में 307% का इजाफा-नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति के खिलाफ भी हिसार पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। एनडीपीएस मामलों में अपराधियों की संपत्ति के अटैचमेंट की राशि ₹63,30,000 से बढ़कर ₹2,09,86,582 हो गई है, जो 307% की उल्लेखनीय वृद्धि है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के साथ-साथ इसके आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रभावी प्रहार किया जा रहा है।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में 279% की बढ़ोतरी-आबकारी अधिनियम के तहत वर्ष 2025 में 40 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में 141 मामले दर्ज किए गए, जो 279% की वृद्धि है। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 46 से बढ़कर 154 हो गई है, जो लगभग 235% की वृद्धि है।
जुआ-सट्टा के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई-जुआ अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की संख्या 5 से बढ़कर 14 हुई है, जो 180% की वृद्धि है। साइबर अपराध में मामले घटे, लेकिन रिकवरी और गिरफ्तारियां बढ़ीं-साइबर अपराध के मामलों में हिसार पुलिस की कार्रवाई का प्रभाव भी आंकड़ों में स्पष्ट दिखाई देता है। वर्ष 2025 में 120 साइबर अपराध मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में 88 मामले दर्ज हुए, यानी लगभग 27% की कमी।इसके बावजूद साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस कराने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। वर्ष 2025 में ₹65,22,036 की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई थी, जबकि वर्ष 2026 में यह राशि बढ़कर ₹1,05,14,674 हो गई है, जो 61% की वृद्धि है।इसी प्रकार साइबर अपराध मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 178 से बढ़कर 224 हो गई है, जो 26% की वृद्धि है।
अपराध की सूचना पुलिस को दें, नाम रखा जाएगा गुप्त-पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि नशे की बिक्री, अवैध शराब, जुआ-सट्टा अथवा किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अपराध के खिलाफ लड़ाई में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गुप्त रखी जाएगी।उन्होंने कहा कि हिसार पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रखेगी और अपराध से अर्जित संपत्ति एवं अपराध के आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।@newstodayhry #newstodayhry




