गणित को रोचक बनाने में पहेलियों और गतिविधियों की अहम भूमिका ll
गणित को रोचक बनाने में पहेलियों और गतिविधियों की अहम भूमिका ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) एससीईआरटी हरियाणा, गुरुग्राम के आदेशों की अनुपालना में डीईओ सुभाष फुटेला एवं डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया एवं आईएफआईसी विंग प्रभारी नरेश नरूला की देखरेख में डाइट डिंग में टीजीटी गणित अध्यापकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं गतिविधि-आधारित बनाना तथा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं नवीन तकनीकों से परिचित कराना रहा। प्रशिक्षण के पांचवें एवं अंतिम दिन डॉ. मनोज पुरी ने फ्रैक्टल्स एवं लूप द लूप पहेलियां विषय पर अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक सत्र लिया। उन्होंने गणितीय अवधारणाओं को गतिविधियों एवं तार्किक पहेलियों के माध्यम से समझाने की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि गणित को केवल सूत्रों एवं गणनाओं तक सीमित न रखकर गतिविधियों, प्रयोगों एवं पहेलियों से जोड़ा जाए तो विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि, जिज्ञासा एवं तार्किक सोच को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है। अंतिम दिन प्रतिभागियों का प्रशिक्षणोत्तर परीक्षण भी आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं समझ का आकलन किया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में प्रतिक्रिया भी प्राप्त की गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक बताते हुए अपने अनुभव सांझा किए तथा कहा कि विभिन्न सत्रों से उन्हें गणित शिक्षण को अधिक प्रभावशाली एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के नए दृष्टिकोण प्राप्त हुए। प्रशिक्षण के पिछले चार दिनों में विभिन्न विशेषज्ञों एवं संसाधन व्यक्तियों द्वारा अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता, मनोरंजक गणित, 21वीं सदी के कौशल, विभाज्यता के नियम तथा कक्षा सातवीं एवं आठवीं की नवीन गणित पुस्तकों पर गतिविधि-आधारित शिक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता सांझा करते हुए शिक्षकों को गणित शिक्षण को अधिक प्रभावशाली, सरल एवं रुचिकर बनाने के व्यावहारिक उपाय बताए। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर आशा व्यक्त की गई कि सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, कौशल एवं नवीन शिक्षण विधियों को अपने-अपने विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करेंगे। इससे विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि के साथ-साथ तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता एवं रचनात्मकता को विकसित करने में भी सहायता मिलेगी। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में डाइट विषय विशेषज्ञ राकेश मोहन, डॉ. राजेश खुराना, डॉ. अनिल चावला, डॉ. पवन कनोजिया, डॉ. दलीप सिंह, डॉ. अनिल बिश्नोई, चंद्र प्रकाश शर्मा, प्राचार्य नीरज पाहुजा, प्रवक्ता विम्मी गोयल, डॉ. अनिल आईतान, टीजीटी अजय पाल एवं अर्जन सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। @newstodayhry #newstodayhry




