श्रद्धांजलि देने के लिए उदय संस्था ने निकाला कैंडल मार्च ll
श्रद्धांजलि देने के लिए उदय संस्था ने निकाला कैंडल मार्च ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) आईआईटी बोंबे के छात्र साहिल वाकोडे की दुखद मृत्यु के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर उदय संस्था की सीडीएलयू इकाई द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं सदस्यों ने दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। साहिल वाकोडे आईआईटी बोंबे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष के बी टेक छात्र थे। 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल के आरोप के बाद उन्हें परीक्षा कक्ष से बाहर जाने को कहा गया था और उसी दिन बाद में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की परिस्थितियों की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। आईआईटी बोंबे ने भी घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है, जिसमें तीन छात्र प्रतिनिधि और एक मनोचिकित्सक भी शामिल हैं। घटना के बाद आईआईटी बोंबे परिसर में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया। छात्रों ने संस्थान में छात्र कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, शिकायत निवारण व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए। संस्थान ने छात्रों की 18 मांगों पर सहमति जताई है। उदय की राष्ट्रीय सचिव डॉ. रेखा रानी ने कहा कि साहिल वाकोडे की दुखद मृत्यु हम सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। सवाल यह है कि आखिर कितने और विद्यार्थी अपनी जान देकर हमें यह याद दिलाएंगे कि शिक्षा व्यवस्था केवल परीक्षा, अंक और परिणाम तक सीमित नहीं हो सकती। विद्यार्थियों की समस्याओं को समय रहते सुनना, उनकी गरिमा का सम्मान करना और उन्हें सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण देना भी शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी विद्यार्थी को अपनी समस्या लेकर अकेला महसूस न करना पड़े। उदय के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगे राम ने कहा कि साहिल वाकोडे को श्रद्धांजलि देना केवल एक छात्र को याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह समय है कि हम देश की शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर गंभीरता से विचार करें। किसी भी छात्र की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हम मांग करते हैं कि साहिल वाकोडे की मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और जांच में जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए। मांगे राम ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को संवाद के माध्यम से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां विद्यार्थी अपनी परेशानियों को बिना भय के शिक्षकों और प्रशासन के सामने रख सकें। कैंडल मार्च के दौरान संस्था सदस्यों ने यह संदेश दिया कि विद्यार्थियों का जीवन और सम्मान किसी भी शैक्षणिक व्यवस्था से ऊपर है। संगठन ने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहने की बात कही। इस अवसर पर सीडीएलयू यूनिट उदय के उपाध्यक्ष कबीर सिंह, मीडिया कोआॅर्डिनेटर अभिषेक गहलोत, सिरसा जिला अध्यक्ष सिया, सिरसा मीडिया कोआॅर्डिनेटर कल्पना सहित उदय संस्था के अन्य सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने मोमबत्तियां जलाकर साहिल वाकोडे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। @newstodayhry #newstodayhry




