Haryana
Trending

पोर्टल के फेर में फंसे किसान, फर्जी पंजीकरण से हर साल लुट रहे हक II

पोर्टल के फेर में फंसे किसान, फर्जी पंजीकरण से हर साल लुट रहे हक II

पोर्टल-पोर्टल का खेल बंद करे हरियाणा सरकार, परेशान हुए किसान:-

-हरियाणा सरकार व प्रशासन की नाकामी के चलते मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के नाम पर किसानों से हो रही है ठगी: लखविंदर सिंह औलख:-

-सिरसा जिले की सैकड़ों एकड़ फसल का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर शातिर लोगों द्वारा किया गया फर्जी पंजीकरण: औलख:-

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास कई किसानों की शिकायत आई की उनकी फसल का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसी और ने करवा लिया है। औलख ने कहा कि ऐसा हर साल हो रहा है। शातिर व आपराधिक प्रवृत्ति के लोग राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों की फसल का पंजीकरण धोखे से अपने नाम करवा लेते हैं, गोरीवाला तहसील के गांव राजपुरा के लीलाधर पुत्र माहला राम, सरोज पत्नी प्रेम कुमार, निर्मल पुत्र करतार सिंह, कालूराम पुत्र काशी राम, बालमुकुंद जैसे कई किसानों ने जब अपनी फसल का पंजीकरण करना चाहा तो वह हैरान रह गये कि उसकी फसल का पंजीकरण पहले से ही किसी और ने दर्ज करवा रखा है, जिसका नाम साहिला पुत्र हसम और मोबाइल नंबर 9671677645 लिखा आ रहा है, जिसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा दी गई है,

जब यह किसान अपनी शिकायत लेकर ओढ़ां थाना प्रबंधक के पास गए तो उन्होंने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की। इतनी बड़ी धोखाधड़ी को उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि यह हमारा काम नहीं है, जिसके बाद किसानों ने उप कृषि निदेशक सिरसा को शिकायत भेजी है कि फर्जी पंजीकरण को रद्द किया जाए, ताकि किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकें। ऐसा ही दूसरा मामला रानियां तहसील के गांव सादेवाला से सामने आया है, जिसमें नरेंद्र सिंह पुत्र बलवीर सिंह, बजीर सिंह पुत्र सुंदर सिंह, हनुमान पुत्र पूर्ण सिंह, गिरदावरी देवी पत्नी बृजलाल सहित कई किसानों की फसल का पंजीकरण एक धोखेबाज जिसका नाम सकुनत और मोबाइल नंबर 83978 82902 लिखा आ रहा है, उसने अपने नाम करवा लिया है। ऐसे हरियाणा में सैकड़ों मामले हर साल सामने आ रहे हैं, जिनका कोई स्थाई समाधान हरियाणा सरकार और प्रशासन नहीं कर पाया है। हमारी सरकार से अपील है कि सभी थाना प्रबंधकों को हिदायतें दी जाएं कि पीडि़त किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और किसानों को इंसाफ दिलवाया जाए। औलख ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को पोर्टल पोर्टल के खेल में उलझा रखा है। किसान खेत में काम करने की बजाय पोर्टल में ही उलझकर रह जाता है, किसान को पोर्टल के चक्कर से आजाद किया जाए। इस मौके पर बीकेई से गुरविंदर सिंह और अरविंदर सिंह मौजूद रहे II #newstodayhry @newstodayhry

Related Articles

Back to top button