संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (भारत) के आह्वान पर खुईया टोल प्लाजा 4 घंटे रहा पर्ची मुक्त : लखविंदर सिंह औलख ।।
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (भारत) के आह्वान पर खुईया टोल प्लाजा 4 घंटे रहा पर्ची मुक्त : लखविंदर सिंह औलख ।।

सिरसा – (अक्षित कम्बोज) :- संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (भारत) के आह्वान पर किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर भारतीय किसान एकता (बीकेई) द्वारा शुक्रवार को खुईया टोल प्लाजा (डबवाली) को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक पर्ची मुक्त रखा गया। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा विभिन्न टोल प्लाजा संघर्ष कमेटियों से पहुंचे किसान नेताओं इंद्रजीत सिंह कोटबुढा, गुरसेवक सिंह धालीवाल, गुरिंदर सिंह भंगू, जसबीर सिंह झामकां, हरिकेश खटकल टोल, एसपी सिंह मसीतां, भाई अमृतपाल सिंह ओढ़ा तथा कुलदीप सिंह मेंबर हरियाणा गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, सुभाष झोरड़, अंग्रेज सिंह कोटली, गुरप्रीत सिंह ने अपने विचार रखे। किसान नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकारों की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अपने विचार रखे तथा आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (भारत) द्वारा किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों पर एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाया जाए तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव दिए जाएं। किसान और खेत मजदूरों को संपूर्ण कर्ज मुक्त किया जाए तथा किसान आंदोलन भाग-1 और भाग-2 की शेष मांगों को तुरंत लागू किया जाए। औलख ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025, सीड्स बिल 2025 तथा किसान विरोधी कर-मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द किया जाए। इसके साथ ही कृषि को प्रदूषण अधिनियम से बाहर रखा जाए, पन्नीवाला रुलदू में स्थित ई-20 ग्रीन एथेनॉल फैक्ट्री के प्रदूषण तथा उसमें प्रयोग किया जा रहे नहरी तथा कृषि में प्रयोग वाले पानी से इस क्षेत्र को भारी नुकसान हो रहा है। रामा रिफाइनरी तथा इथेनॉल फैक्ट्री के बीच वाले गांवों दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन तथा सरकार इस पर संज्ञान ले, हरियाणा कोआॅपरेटिव बैंकों में नए एमसीएल सदस्य बनाए जाएं। किसानों को डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डबवाली, कालांवाली और गोरीवाला क्षेत्र के किसानों का खरीफ-2020 का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा जंगली पशुओं, नीलगाय और बंदरों से किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार करके सही तरीके से लागू की जाए, खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में जिन किसानों के बीमा प्रीमियर काटने के बावजूद भी बीमा क्लेम नहीं दिया गया है, उन्हें तुरंत बीमा क्लेम जारी किया जाए। क्षतिपूर्ति पोर्टल में पंजीकृत किसानों खरीफ-2025 का बकाया मुआवजा जारी किया जाए, नहरी पानी की सप्लाई शेड्यूल के हिसाब से नियमित की जाए।बीकेई नेताओं ने मांग रखी कि घग्गर नदी से रोड़ी, कालांवाली, ओढ़ां और डबवाली क्षेत्र के लिए फलड़ी नाला निकाला जाए तथा घग्गर नदी, नहरों, खालों और नालों की सफाई करवाई जाए। ओटू हेड पर एनजीसी नहर पर साइफन बनाया जाए, बैंकों में नकदी की कमी दूर किया जाए, फगू मंडी धान घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा किसानों की भरपाई करवाई जाए, हरियाणा में शुरू हुई आॅनलाइन रजिस्ट्री में खानाकास्त रजिस्ट्रियां नहीं हो रही है। आॅनलाइन रजिस्ट्रीयों में आ रही सभी तरह की दिक्कतों को दूर किया जाए। औलख ने कहा कि पन्नीवाला रुलदू, सलामखेड़ा तथा जलालआना गांवों को स्थायी रूप से टोल टैक्स से मुक्त किया जाए तथा किसान आंदोलन से जुड़े किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल और फर्टिलाइजर सहित आवश्यक वस्तुओं पर बढ़ रही महंगाई पर तुरंत अंकुश लगाया जाए। आज के कार्यक्रम में गुरुद्वारा श्री चोरमार साहिब की ओर से लंगर सेवा की गई। गांव जलालआना के ग्रामीणों द्वारा चाय का लंगर लगाया गया, सिद्धू मोटर्स डबवाली (एसपी सिंह मसीतां, जसवीर सिंह अलीकां) द्वारा किसानों को बिस्कुट बांटे गए, जबकि गांव नीलांवाली की ओर से ठंडे जल की सेवा निभाई गई। किसान नेताओं ने सभी किसानों, मजदूरों और आम जनता का आंदोलन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया।। #newstodayhry @newstodayhry