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दयनीय हालत में गांव बाह्मनवाला का प्राइमरी स्कूल150 बच्चों पर 3 टीचर1 की एसआइआर में ड्यूटी ll

दयनीय हालत में गांव बाह्मनवाला का प्राइमरी स्कूल 150 बच्चों पर 3 टीचर1 की एसआइआर में ड्यूटी ll

फतेहाबाद-(राजेश भाम्भू):-दयनीय हालत में गांव बाह्मनवाला का प्राइमरी स्कूल, 150 बच्चों पर 3 टीचर, 1 की एसआइआर में ड्यूटी 2 टीचर के सहारे 150 बच्चों की शिक्षा स्कूल से आने बच्चो के नाम कटवाने लगे हैं ग्रामीण सरपंच ने कहा इन हालातों में वे भी उन्हें भी कटवाना पड़ेगा l अपने बच्चे का नाम ग्रामीणों ने कहा पिछले 2 वर्षों से बनी हुई है यही स्थिति बार बार विभाग को पत्र लिखने के बाद भी नही सुधरी स्कूल की हालत स्कूल का नाम मॉडल संस्कृति विद्यालय और हालात ऐसे की अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से निकालने को मजबूर हो रहे हैं। यहां तक कि गांव की सरपंच ने भी स्कूल प्रशासन के पास उनकी बेटी का नाम स्कूल से काटने को कह दिया है। फतेहाबाद जिले के उपमंडल रतिया के अंतर्गत आने वाले गाँव बहमनवाला के मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के हालात इन दिनों कुछ बने हुए हैं । अभिभावक अपने बच्चो को स्कूल से निकल चुके है और कुछ निकालने के बारे में विचार कर रहे है। कारण है स्कूल में टीचिंग स्टाफ का न होना, स्कूल में कुल 150 के करीब बच्चे पढ़ रहे हैंlलेकिन यहां हेडमास्टर सहित 3 टीचर ही है जो बच्चों को पढ़ा रहे थे मगर अब एसआईआर के कारण एक टीचर की ड्यूटी वहां लगा देने से मात्र 2 अध्यापकों के सहारे स्कूल चल रहा हैl

अभिभावकों का कहना है बच्चे सुबह स्कूल जाते हैं मगर टीचर न होने के कारण वे बिना पढ़े लौट आते हैl उन्होंने बताया कि ऐसे हालत पिछले 2 वर्षों से बने हुए हैं। बच्चो की पढ़ाई प्रभावित हो रही है उन्होंने बताया कि स्कूल में पढ़ने जाने वाले अधिकांश बच्चे गांव के गरीब वर्ग से संबंधित हैं। उनके आर्थिक हालात ऐसे नही है की वे अपने बच्चो को भारी भरकम फीस देख निजी स्कूलों में पढ़ा सके वहीं सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक ही नही है ऐसे में मजबूरन उन्हें अपने बच्चो को घर पर बैठना पढ़ रहा है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि ग्राम पंचायत की और से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दर्ज़नो बार मौखिक और पत्राचार के माध्यम से अध्यापको की मांग की जाती रही है l मगर विभाग की और से समस्या का समाधान नही किया गया बल्कि आश्वासन दिया जाता रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर बच्चो ने बिना पढ़े ही स्कूल से आना है तो उन्हें स्कूल भेजने की आवश्यकता ही क्या है। वहीं इस मामले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी का मामला उनकी जानकारी में है, शीघ्र ही स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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