एकादशी केवल व्रत नहीं, आत्मशुद्धि का पावन पर्व है:-स्वामी रमेश साहुवाला ll
एकादशी केवल व्रत नहीं, आत्मशुद्धि का पावन पर्व है:-स्वामी रमेश साहुवाला

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-पवित्र एकादशी का व्रत हमारे मन और शरीर दोनों को शुद्ध करता हैं तथा शास्त्रों में कहा गया हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत रखता हैं उसके जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है और उसे तीनों लोकों के पुण्य का फल मिलता है। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहें। उन्होंने कहा कि उपवास से शरीर को आराम मिलता हैं, पाचन तंत्र सुधरता हैं तथा भजन-संकीर्तन से मन को शांति मिलती है और मोबाईल टी.वी. से दूर रहकर हम परिवार और ईश्वर के करीब आते है।
श्री साहुवाला ने कहा कि पवित्र एकादशी केवल भूखे रहने का दिन नहीं हैं, अपितु यह आत्मा को शुद्ध करने का दिन हैं तथा यह हमें सिखाती हैं कि सच्ची भक्ति, क्षमा से ही जीवन सफल होता है। उन्होंने कहा कि यह पवित्र तिथि हमें याद दिलाती हैं कि छोटे-छोटे संकल्पों से हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। यदि श्रद्धा से किया जाए तो एकादशी का एक व्रत भी जीवन बदल सकता हैं। उन्होंने कहा कि सावन के महीना पहले से ही भक्ति का महीना हैं। इस समय प्रकृति हरी-भरी होती हैं, मन शांत रहता है। ऐसे में एकादशी का व्रत आत्म-संयम, अनुशासन और ईश्वर के प्रति समर्पण सिखाता हैं। उन्होंने कहा कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहता है तथा जरूरतमंदों को दान देकर अपने मन की शांति को प्राप्त करता हैं तथा तनाव से मुक्त रहता हैं और उसे धन, सम्पदा, मान-सम्मान प्राप्त होता हैं। @newstodayhry #newstodayhry




