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एबीवीपी ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाई ll

एबीवीपी ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाई ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) राजकीय महिला महाविद्यालय सिरसा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, सिरसा के चेयरमैन डॉ. मदनलाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हिसार विभाग संगठन मंत्री पवन दुबे की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने की। इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री सुनील शास्त्री, सिरसा के नगर अध्यक्ष डॉ. कपिल कुमार, नगर मंत्री कुमारी तन्नु, विभाग छात्रा प्रमुख कुमारी ममता, नगर मीडिया संयोजक राहुल साहपुनिया सहित अन्य छात्र – छात्राएं , कार्यकर्ता एवं शिक्षक वृंद उपस्थित रहे। इसके अलावा गांव चामल स्कूल में भी एबीवीपी की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। मंच संचालन कुमारी दिया ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का महाविद्यालय की ओर से स्वागत किया गया तथा ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य अतिथि डॉ. मदन जी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों में राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई। उन्होंने छात्राओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। विभाग संगठन मंत्री पवन दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र जागरण का सशक्त प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं को अपने इतिहास और राष्ट्रीय विरासत से जोडऩे का कार्य करते हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राष्ट्र हित कार्यक्रमों भूरि भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर सुनील शास्त्री प्रांत सह मंत्री सहित अन्य वक्ताओं ने भी वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा और भारतीय राष्ट्रीय जीवन में उसके योगदान पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ देश की युवा पीढ़ी के लिए अपनी राष्ट्रीय विरासत को समझने और उससे प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम में अभाविप के पदाधिकारियों ने छात्राओं से राष्ट्र हित, समाजसेवा और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आने का आह्वान किया। महाविद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नगर अध्यक्ष डॉ. कपिल कुमार, नगर मंत्री कुमारी तन्नु, विभाग छात्रा प्रमुख कुमारी ममता, नगर मीडिया संयोजक राहुल साहपुनिया तथा महाविद्यालय इकाई की कुमारी खुशी, कुमारी कविता सहित अन्य कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाविद्यालय के शिक्षक वर्ग की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षक वर्ग एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया गया। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के संकल्प के साथ हुआ। @newstodayhry #newstodayhry

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