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भारतीय किसान एकता के घेराव की चेतावनी ll

भारतीय किसान एकता के घेराव की चेतावनी ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) भारतीय किसान एकता (इङए) के कड़े रुख और कृषि विभाग सिरसा के घेराव की चेतावनी के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। किसानों के हक की नीम कोटेड सब्सिडी वाली यूरिया खाद की कालाबाजारी और हेफेड कैटल फीड प्लांट में इसके अवैध इस्तेमाल के मामले में पुलिस चौकी चौटाला (थाना सदर डबवाली) में हेफेड एनिमल कैटल फीड प्लांट (सक्ताखेड़ा) तथा दिल्ली स्थित आपूर्तिदाता गुप्ता केमिकल्स के खिलाफ आपराधिक मुकदमा (एफआईआर नं. 0293) दर्ज कर लिया गया है। यह एफआईआर धारा 318(4) आईपीसी, फर्टिलाइजर कंट्रोल आॅर्डर 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने पूरी कार्रवाई का ब्योरा देते हुए बताया कि 2 जुलाई 2026 बीकेई की टीम ने कृषि विभाग सिरसा को शिकायत दी थी कि हेफेड एनीमल फीड प्लांट सक्ताखेड़ा (डबवाली) में सब्सिडी वाली नीम कोटेड यूरिया खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है। कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार की मौजूदगी में प्लांट का निरीक्षण किया गया, जहां 267 बैग का स्टॉक मिला। सैंपल की सरकारी लैब जांच रिपोर्ट (23 जुलाई 2026) में नीम आॅयल कंटेंट (0.04%) की पुष्टि हुई, जो यह साबित करता है कि यह कृषि उपयोग के लिए मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया थी। कागजों में गुप्ता केमिकल्स (तिलक बाजार, दिल्ली) से इसे 27.92 रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया दर्शाकर खरीदा गया था। लैब रिपोर्ट में धांधली की पुष्टि होने और विभाग द्वारा लगातार टालमटोल किए जाने पर भारतीय किसान एकता ने बुधवार, 9 सितंबर को कृषि विभाग सिरसा का घेराव करने का ऐलान किया था। इस कड़े अल्टीमेटम के दबाव में विभाग को तुरंत पुलिस शिकायत दर्ज करानी पड़ी। लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि किसानों के हक की 266.50 रुपये वाली सब्सिडी यूरिया को सफेद रंग के बिना मार्के वाले टेक्निकल ग्रेड के कट्टों में भरकर री-पैकिंग करने और औद्योगिक उपयोग में बेचने वाला एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। हाल ही में नरवाना के एक गांव सच्चाखेड़ा में पोल्ट्री फार्म पर भी बिना मार्के के कट्टों में भरी जा रही 266.50 रुपये वाली इंडोरामा कंपनी की यूरिया पकड़ी गई, जिस पर विभाग ने छापेमारी कर मुकदमा दर्ज कराया है। औलख ने कहा कि जींद में यूरिया खाद घोटाले में कई लोग शामिल हैं, यह गोदाम भी उनमें से एक का है। औलख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हेफेड के पंचकूला स्थित मुख्यालय से ई-टेंडरिंग के जरिए कैटल फीड प्लांट के लिए यूरिया और अन्य सामग्री खरीदी जाती है। इस घोटाले में पंचकूला कार्यालय के उन अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए, जो टेंडर प्रक्रिया में शामिल थे। उन्होंने कहा कि एक बड़े अधिकारी की सेवानिवृत्ति नजदीक होने के कारण केस दर्ज करने में जानबूझकर देरी की जा रही थी। किसान संगठन इस मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों की गिरफ्तारी तक अपनी नजर बनाए रखेगा। औलख ने हरियाणा के किसानों को हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चे की ओर से पेहवा अनाज मंडी में होने वाली किसान पंचायत में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि किसान पंचायत में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में फसल पंजीकरण को दोबारा खोलने, परमल धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू करने, डुप्लीकेट दूध तथा उसके उत्पादों पर अंकुश लगाकर पशुपालक किसानों को दूध का उचित दाम दिलवाने, बाजरा खरीद, सीसीआई द्वारा नरमे की खरीद, बिजाई के लिए बिना किसी टैगिंग के डीएपी खाद की व्यवस्था सहित किसानों-मजदूरों की सभी मांगें रखी जाएंगी। @newstodayhry #newstodayhry

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