UPI को लेकर बड़ा ऐलान! 2 अक्टूबर को QR कोड पर छाएगा काला कपड़ा II
UPI को लेकर बड़ा ऐलान! 2 अक्टूबर को QR कोड पर छाएगा काला कपड़ा II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए), हरियाणा ने यूपीआई के पात्र व्यापारी लेन-देन पर लागू किए गए 0.4 प्रतिशत एमडीआर के विरोध में 2 अक्टूबर 2026 को ‘नो यूपीआई डे’मनाने का आह्वान किया है। एआईएमआरए हरियाणा के अनुसार, नए यूपीआई फ्रेमवर्क के तहत 2,000 से अधिक के पात्र पर्सन-टू-पर्सन लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू किया गया है। 75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर एमडीआर अधिकतम 300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। वहीं पी2पी भुगतान, 2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट तथा निर्धारित श्रेणी के छोटे व्यापारियों के भुगतान इससे मुक्त रहेंगे। सरकार के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर एमडीआर का प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, मोबाइल रिटेल व्यवसाय में सामान्यत: लेन-देन की राशि 2,000 से काफी अधिक होती है। #newstodayhry @newstodayhry
एसोसिएशन का कहना है कि-
इस कारण मोबाइल एवं अन्य हाई रिटेल बिजनैस पर इस व्यवस्था का आर्थिक प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। डिजीटल इंडिया चाहिए तो यूपीआई पर जीरो एमडीआर चाहिए। कपिल अनेजा, प्रांतीय महासचिव (हरियाणा), आॅल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए) ने कहा कि देश के मोबाइल रिटेलर्स ने डिजिटल भुगतान को अपनाने और ग्राहकों को यूपीआई से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यदि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी को अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ेगी, तो इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। #newstodayhry @newstodayhry
हमारी मांग है कि- व्यापारियों के लिए यूपीआई को जीरो एमडीआर रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन यूपीआई अथवा डिजीटल इंडिया के खिलाफ नहीं है, बल्कि व्यापारियों पर पड़ने वाले एमडीआर के अतिरिक्त आर्थिक भार के विरोध में है। इसी मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर एआईएमआरए हरियाणा द्वारा नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान किया गया है। आंदोलन में भाग लेने वाले मोबाइल रिटेलर्स उस दिन यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे तथा अपने प्रतिष्ठानों पर लगे क्यू आर कोड को काले कपड़े से ढककर शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। एआईएमआरए हरियाणा ने केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय तथा संबंधित संस्थाओं से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने तथा यूपीआई मर्चेंट पेमेंटस के लि जीरो एमडीआर व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। #newstodayhry @newstodayhry




