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साइबर ठगों का नया जाल! फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही उड़ सकती है जीवनभर की कमाई II

साइबर ठगों का नया जाल! फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही उड़ सकती है जीवनभर की कमाई II

हिसार-(अमित कुमार):- साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। कभी बैंक खाता अपडेट करने, कभी बिजली बिल जमा करवाने, कभी ई-चालान भरने तो कभी कैशबैक और आकर्षक ऑफर का लालच देकर लोगों के मोबाइल पर संदिग्ध लिंक भेजे जा रहे हैं। ऐसे लिंक पर एक छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को साइबर ठगों के हाथों में पहुंचा सकती है। एसपी हिसार सिद्धान्त जैन के दिशा-निर्देशन में हिसार पुलिस ने आमजन को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा WhatsApp, SMS, ई-मेल या सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए संदिग्ध लिंक पर बिना जांच-पड़ताल क्लिक न करें और न ही ऐसे लिंक के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करें। #newstodayhry @newstodayhry

साइबर ठग इन तरीकों से बिछाते हैं ठगी का जाल:-

साइबर अपराधी लोगों को विश्वास में लेने के लिए अलग-अलग बहाने बनाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
• बैंक KYC अपडेट: बैंक खाता बंद होने या KYC अधूरी होने का डर दिखाकर फर्जी लिंक भेजना।
• बिजली बिल अपडेट: बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर भुगतान के लिए संदिग्ध लिंक भेजना।
• फर्जी ई-चालान: वाहन का चालान होने का मैसेज भेजकर फर्जी वेबसाइट पर भुगतान करवाना।
• कैशबैक और इनाम का लालच: आकर्षक ऑफर, गिफ्ट और लॉटरी जीतने का झांसा देना।
• फर्जी नौकरी और लोन ऑफर: कम मेहनत में अधिक कमाई और तुरंत लोन दिलाने के नाम पर लिंक भेजना।
• फर्जी पार्सल और कुरियर: पार्सल में प्रतिबंधित सामान होने या डिलीवरी रुकने का डर दिखाकर लिंक पर क्लिक करवाना।

साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये 8 सुरक्षा उपाय:-

  1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान नंबर या ई-मेल से प्राप्त लिंक को खोलने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
  2. वेबसाइट का URL जांचें: बैंक, सरकारी विभाग या किसी अन्य संस्था की वेबसाइट खोलते समय उसके आधिकारिक वेब एड्रेस की पुष्टि करें।
  3. OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करें: अपना OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  4. अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें: किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में अनजान ऐप या APK फाइल इंस्टॉल न करें।
  5. स्क्रीन शेयरिंग से बचें: अनजान व्यक्ति को AnyDesk, स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल का नियंत्रण न दें।
  6. पैसे प्राप्त करने के लिए PIN न डालें: UPI के माध्यम से पैसे प्राप्त करने के लिए सामान्यतः UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती। भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर प्रदर्शित जानकारी अवश्य जांचें।
  7. लालच और दबाव में निर्णय न लें: बहुत कम कीमत, भारी मुनाफे, इनाम या तत्काल कार्रवाई के नाम पर जल्दबाजी न करें।
  8. परिवार के सदस्यों को जागरूक करें: बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम:-
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इसके अतिरिक्त आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। संबंधित बैंक को भी तुरंत सूचित करें, ताकि संदिग्ध लेन-देन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

एसपी हिसार का संदेश:-
एसपी हिसार श्री सिद्धान्त जैन ने कहा कि साइबर अपराधी तकनीक के साथ-साथ लोगों की जल्दबाजी, लालच और विश्वास का फायदा उठाते हैं। आमजन किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले संबंधित संस्था से स्वयं पुष्टि करें। याद रखें—साइबर सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी आपकी अपनी सतर्कता है। एक क्लिक करने से पहले सोचें, जांचें और सत्यापित करें। #newstodayhry @newstodayhry

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