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ध्यान का अर्थ हैं भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ हैं इस मुस्कुराहट को औरों तक पहुंचाना, तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है :- रमेश साहूवाला।।

ध्यान का अर्थ हैं भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ हैं इस मुस्कुराहट को औरों तक पहुंचाना, तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है :- रमेश साहूवाला।।

सिरसा – (अक्षित कम्बोज) :- ध्यान का अर्थ हैं भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ हैं इस मुस्कुराहट को औरों तक पहुंचाना, तभी हमारा जीवन सफल हो सकता हैं और हम ऊंचाइयों को छू सकते हैं। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने क्लब द्वारा आयोजित दूसरे सत्र के दौरान ध्यान, साधना, समाधि शिविर में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य का हृदय धन एवं पद ज्ञान से भरा नहीं जा सकता क्योंकि इन चीजों से भरने के लिए वह बना ही नहीं हैं और वह हमेशा खाली ही रहता हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जितना पाता हैं उसकी उतनी ही और की मांग बढ़ती जाती हैं जिससे वह दरिद्र होता चला जाता हैं। उन्होंने कहा कि हृदय की इच्छाएं कुछ भी पाकर शांत नहीं होती हैं क्योंकि हृदय तो परमात्मा को पाने के लिए बना हैं इसलिए हमें प्रतिदिन ध्यान, साधना, सिमरन, समाधि को समय देना चाहिए।
श्री साहुवाला ने कहा कि ईष्वर प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग हैं परमात्मा से प्रेम करना और उसके प्रति सदा समर्पण भाव रखना। उन्होंने कहा कि परमात्मा की शरण में जाने से हम भी भगवान बन सकते हैं तथा हमारे भीतर भी वह शक्ति उत्पन्न होती हैं जिससे हमें भगवान की प्राप्ति होती हैं। उन्होंने कहा हमें परमात्मा का नाम जपना चाहिए तथा उसकी महिमा का गुणगान करना चाहिए और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए तभी हमें सच्चे सुख की असीम शांति प्राप्त हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए और उनमे दिखाएं मार्ग पर चलना चाहिए तथा सत्य के साथ बैठकर गुरू के उपदेशों को सुनना चाहिए तभी हमारे जीवन से तनाव विदा हो सकता हैं और हमें असीम सुख मिलता हैं। उन्होंने कहा जब मन चिंता और भय से भरा होता हैं तो सही दिशा नहीं पहचान पाता बल्कि जब मन विश्वास और शांति से भरा होता हैं तो जीवन की हर उलझन का समाधान सामने आने लगता हैं। इससे पूर्व सेंटर की संचालिका ज्योति मैडम ने मुख्यातिथि स्वामी रमेश साहुवाला का स्वागत किया और सभी ने मिलकर संसार में लोगों के भले के लिए भगवान से प्रार्थना की तथा सभी ने मिलकर ओम शांति का पाठ किया और स्वामी रमेश साहुवाला ने ओशो द्वारा रचित विभिन्न ध्यान की विधियों के बारे में बताया। इस अवसर पर मुस्कान, भावना, नीशा, आशा, सोनम रानी, सुनीता सोनी, रचना, रूबी, कशिश, सोनिया, पुनिता, गीता, ज्योति, कौशल, ममता, मीनू, परमजीत, राखी, कौशल्या, सीमा, सुनीता, कंवलजीत, खुशबू उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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