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चुनाव आयोग या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कर,ओटीपी बैंकिंग विवरण अथवा पासवर्ड नहीं मांगती-एसपी।।

चुनाव आयोग या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कर,ओटीपी बैंकिंग विवरण अथवा पासवर्ड नहीं मांगती-एसपी।।

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- देश के विभिन्न राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं और लोगों को वोटर आईडी कार्ड निरस्त होने का भय दिखाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करने की अपील की है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी दीपक सहारन ने बताया की भारत सरकार द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया चलाकर राज्यों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य चलाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग खुद को चुनाव आयोग, बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ अथवा सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और एसएमएस भेज रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जाता है कि यदि निर्धारित समय में SIR फॉर्म नहीं भरा गया तो संबंधित व्यक्ति का वोटर कार्ड रद्द हो सकता है।उन्होंने बताया की साइबर अपराधी लोगों से फॉर्म सत्यापन या पंजीकरण के नाम पर मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP), आधार संख्या, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड विवरण और अन्य गोपनीय सूचनाएं मांगते हैं। जैसे ही व्यक्ति यह जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते, सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन खातों तक अपराधियों की पहुंच बन सकती है। साइबर अपराधी कुछ मामलों में “SIR.apk” नामक की फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए भी कहते हैं। एसपी साहब ने बताया यह एप मोबाइल में इंस्टॉल होते ही मोबाइल उपभोक्ता के फोन को नियंत्रण अपराधियों के हाथो मे आ जाता है, जिससे वित्तीय नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है । पुलिस प्रशासन ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कर कभी भी ओटीपी, बैंकिंग विवरण अथवा पासवर्ड नहीं मांगती। नागरिक केवल अधिकृत माध्यमों से ही SIR फॉर्म प्राप्त करें और भरें। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक प्राप्त होता है तो उसे तुरंत नजर अंदाज करें और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। एसपी साहब ने आमजन को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल में अज्ञात स्रोत से कोई एप डाउनलोड न करें तथा फोन पर प्राप्त ओटीपी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही, अपने मोबाइल और बैंकिंग खातों की सुरक्षा सुरक्षित रखने के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन लॉक का उपयोग करें। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इस प्रकार की साइबर ठगी के प्रति जागरूक करें। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आर्थिक नुकसान और डिजिटल धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। यदि कोई संदिंग्ध कॉल,संदेश या लिंक प्राप्त होता हे तो उसकी सुचना तुंरत राष्ट्रीय साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करें । सतर्कता और जागरुकता ही साइबर ठगी से बचाव का बेहतरीन माध्यम है।। #Newstodayhry @Newstodayhry

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